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CWG 2026: वेटलिफ्टर ऋषिकांत ने 264 KG वजन उठाकर रचा इतिहास, जीता मेडल

✍️ Satish Kumar 📅 July 26, 2026
CWG 2026: वेटलिफ्टर ऋषिकांत ने 264 KG वजन उठाकर रचा इतिहास, जीता मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने जीता सिल्वर, भारत को मिला दूसरा मेडल

अंतरराष्ट्रीय खेल जगत से भारत के लिए एक बेहद खुशखबरी सामने आई है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Commonwealth Games 2026) के चौथे दिन भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दूसरा मेडल डाल दिया है। उन्होंने पुरुषों की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम किया।

⭐ इस लेख में (Table of Contents) 🔻

CWG 2026: वेटलिफ्टर ऋषिकांत ने 264 KG वजन उठाकर रचा इतिहास, जीता मेडल - India ' S First Ever - To - Win In The World Cup
📸 CWG 2026: वेटलिफ्टर ऋषिकांत ने 264 KG वजन उठाकर रचा इतिहास, जीता मेडल

इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही भारत ने चालू कॉमनवेल्थ गेम्स की मेडल तालिका में अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है। देश भर के खेल प्रेमियों और प्रशंसकों में इस उपलब्धि को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। खेल मंत्रालय और प्रमुख एथलीटों ने भी ऋषिकांत सिंह को इस शानदार जीत की बधाई दी है।

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60 KG कैटेगरी का रोमांच: ऋषिकांत ने कुल 264 किलो वजन उठाकर रचा इतिहास

पुरुषों की 60 किलोग्राम भारवर्ग (60 KG Category) वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में मुकाबले की शुरुआत से ही काफी रोमांच देखने को मिला। ऋषिकांत सिंह ने अपनी तकनीकी क्षमता और शारीरिक ताकत का बेहतरीन संतुलन पेश किया। उन्होंने कुल 264 KG वजन उठाकर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान (सिल्वर मेडल) हासिल किया।

स्नैच और क्लीन एंड जर्क का शानदार प्रदर्शन

ऋषिकांत सिंह ने अपने वर्ग में संतुलित रणनीति अपनाई। उन्होंने स्नैच (Snatch) राउंड में 121 KG वजन बेहद आसानी से उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क (Clean & Jerk) राउंड में उन्होंने 143 KG का सफल लिफ्ट करते हुए अपना कुल स्कोर 264 KG तक पहुंचाया।

प्रतिद्वंद्वियों के बीच कांटे की टक्कर

इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल मलेशिया के स्टार लिफ्टर अनिक कसदान (Aniq Kasdan) ने जीता, जिन्होंने कुल 266 KG (स्नैच + क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया। वहीं केन्या के मबोया ने कुल 260 KG वजन के साथ तीसरे स्थान पर रहते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता। ऋषिकांत महज 2 किलो के अंतर से गोल्ड से चूके, लेकिन उनका प्रदर्शन असाधारण रहा।

मेडल टैली में भारत का हाल: झंडू कुमार के ब्रॉन्ज के बाद देश 10वें पायदान पर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका (Medal Tally Update) में भारत अब 2 मेडलों के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत के पास फिलहाल 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल दर्ज है। इस आंकड़े के साथ भारत मेडल टेबल में आधिकारिक रूप से 10वें स्थान पर पहुंच गया है।

पैरा पावरलिफ्टिंग से हुई थी पदक तालिका की शुरुआत

कॉमनवेल्थ गेम्स के तीसरे दिन शुक्रवार को भारत को पहला मेडल मिला था। पुरुषों की पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीता था। झंडू कुमार की इस सफलता ने भारतीय दल के आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम किया।

ग्लोबल रैंकिंग और शीर्ष टीमों की स्थिति

पदक तालिका में हमेशा की तरह ऑस्ट्रेलिया का दबदबा कायम है। ऑस्ट्रेलियाई दल 12 गोल्ड मेडल सहित कुल 23 पदकों के साथ अंक तालिका में पहले नंबर पर काबिज है। भारतीय एथलीटों से आने वाले दिनों में और अधिक मेडल जीतकर टॉप-5 में जगह बनाने की उम्मीद की जा रही है।

मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से भारतीय सेना तक: ऋषिकांत सिंह का प्रेरणादायक सफर

ऋषिकांत सिंह की सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे वर्षों की कठिन मेहनत और समर्पण की कहानी है। ऋषिकांत मणिपुर के इंफाल वेस्ट (Imphal West, Manipur) जिले के रहने वाले हैं। उनके परिवार में दो भाई हैं, और उनके बड़े भाई भी भारतीय सेना (Indian Army) में सेवारत हैं।

प्रारंभिक जीवन और इंफाल वेस्ट से सफर की शुरुआत

मणिपुर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव और ऋषिकांत के शुरुआती कोच ब्रोजेंद्रो सिंह के अनुसार, ऋषिकांत ने वर्ष 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से वेटलिफ्टिंग की नींव रखी थी। बचपन से ही उनके अंदर खेलों के प्रति जबरदस्त जुनून देखने को मिलता था।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और भारतीय सेना का योगदान

अकादमी में शुरुआती ट्रेनिंग के बाद ऋषिकांत का चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के ट्रेनिंग सेंटर में हुआ। इसके बाद वे भारतीय नौसेना (Indian Navy) से जुड़े और वहां कड़ी ट्रेनिंग प्राप्त की। वर्तमान में वे भारतीय सेना के स्पोर्ट्स सेटअप का हिस्सा बनकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

यह ऋषिकांत का दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है। इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 KG वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। ग्लासगो में 60 KG वर्ग में उतरने से पहले वे मौजूदा कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के चैंपियन भी रह चुके हैं।

वेटलिफ्टिंग के नियम: स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कैसे तय होता है मेडल का विजेता?

वेटलिफ्टिंग के मुकाबलों को समझने के लिए इसके तकनीकी नियमों और स्कोरिंग पैटर्न को जानना आवश्यक है। वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मुख्य रूप से दो अलग-अलग इवेंट होते हैं — स्नैच और क्लीन एंड जर्क। दोनों ही इवेंट्स में बारबेल को जमीन से उठाकर सिर के ऊपर तक ले जाना होता है, लेकिन तकनीक अलग होती है।

स्नैच (Snatch) तकनीक का विश्लेषण

स्नैच इवेंट में एथलीट को बारबेल को एक ही निरंतर मूवमेंट (Single Continuous Movement) में जमीन से उठाकर सीधे सिर के ऊपर ले जाना होता है। इस प्रक्रिया में लिफ्टर बारबेल के नीचे स्क्वाट स्थिति में आता है और फिर संतुलन बनाते हुए सीधा खड़ा होता है। इसमें गति, संतुलन और फ्लेक्सिबिलिटी की अत्यधिक आवश्यकता होती है।

क्लीन एंड जर्क (Clean & Jerk) की प्रक्रिया

यह इवेंट दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाता है:

  • क्लीन (Clean): पहले चरण में खिलाड़ी बारबेल को जमीन से उठाकर झटके के साथ अपने कंधों पर लाता है।
  • जर्क (Jerk): दूसरे चरण में पैरों और कंधों की विस्फोटक ताकत से बारबेल को सिर के ऊपर ले जाकर हाथ पूरी तरह सीधे किए जाते हैं।

विजेता चयन की अंक प्रणाली और कुल वजन कैलकुलेशन

दोनों ही इवेंट्स में प्रत्येक खिलाड़ी को तीन-तीन प्रयास (3 Attempts Each) मिलते हैं। स्नैच में उठाए गए सबसे अधिक वजन और क्लीन एंड जर्क में उठाए गए सर्वश्रेष्ठ वजन को जोड़कर "टोटल वेट" (Total Weight) निकाला जाता है। जिसका कुल वजन सबसे ज्यादा होता है, वही विजेता घोषित किया जाता है।

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लॉन बॉल्स में निराशा: सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय जोड़ी का करो या मरो का मुकाबला

जहाँ एक तरफ वेटलिफ्टिंग में भारत को मेडल मिला, वहीं लॉन बॉल्स (Lawn Bowls) स्पर्धा से थोड़ी निराशाजनक खबर आई। विमेंस पेयर्स इवेंट में भारतीय जोड़ी को नामीबिया की टीम के खिलाफ टाई-ब्रेक में बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह पर टिकी उम्मीदें

भारत की स्टार जोड़ी रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह को अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए इंग्लैंड की मजबूत टीम को हराना होगा। यह मुकाबला भारतीय जोड़ी के लिए "करो या मरो" का होगा। अगर भारतीय जोड़ी इंग्लैंड को हरा देती है, तो सेमीफाइनल में पहुंचकर मेडल की उम्मीदें पूरी तरह जीवित रहेंगी।

आज मीराबाई चानू पर टिकेंगी निगाहें: वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदार

वेटलिफ्टिंग के रिंग में भारत के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ऋषिकांत सिंह के सिल्वर जीतने के बाद अब सभी भारतीय प्रशंसकों की निगाहें टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट और स्टार लिफ्टर मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) पर टिकी हुई हैं।

मीराबाई चानू (49 KG) का मुकाबला टाइम टेबल

मीराबाई चानू महिलाओं के 49 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगी। उनका मुकाबला शाम 5:30 बजे शुरू होगा। मीराबाई चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता था और इस बार वे गोल्ड से कम पर मानने के मूड में नहीं हैं।

एम राजा और अन्य वेटलिफ्टर्स का एक्शन

मीराबाई चानू के अलावा देर रात 11:00 बजे एम राजा पुरुषों की 65 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल मुकाबले में एक्शन में दिखाई देंगे। भारतीय वेटलिफ्टिंग दल से आज एक से अधिक मेडल आने की मजबूत संभावना बनी हुई है।

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जिम्नास्टिक्स, बॉक्सिंग और स्विमिंग: कॉमनवेल्थ गेम्स में आज भारत के अन्य प्रमुख मुकाबले

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन भारत का शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। वेटलिफ्टिंग के अलावा जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग और बॉक्सिंग में भी भारतीय एथलीट अपनी चुनौती पेश करेंगे।

जिम्नास्टिक्स और स्विमिंग इवेंट्स का शेड्यूल

जिम्नास्टिक्स में शाम 4:30 बजे योगेश्वर सिंह और तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल में अपनी कलाबाजी दिखाएंगे। वहीं रात 10:30 बजे महिला ऑल-अराउंड फाइनल में भारतीय जिम्नास्ट हिस्सा लेंगे। शाम 7:15 बजे पुतुल सोनोवाल पुरुष सिंगल्स में माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस से टकराएंगे।

स्विमिंग में शाम 4:39 बजे श्रीहरि नटराज, आर्यन नेहरा, अनीश गौड़ा और धाक्शन शशिकुमार की चौकड़ी पुरुष 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स में उतरेगी। क्वालिफाई करने पर यह भारतीय टीम रात 1:56 बजे (27 जुलाई) फाइनल में पदक के लिए तैरेगी।

बॉक्सिंग रिंग में भारतीय मुक्केबाजों की चुनौती

मुक्केबाजी में भारतीय मुक्केबाज रिंग में गदर मचाने को तैयार हैं:

  • प्रीति पवार: रात 10:45 बजे महिला 54 KG वर्ग के राउंड ऑफ-16 में मलावी की डेबोरा मटेंजे का सामना करेंगी।
  • जदुमणि सिंह: रात 11:45 बजे पुरुष 55 KG वर्ग के राउंड ऑफ-16 में पाकिस्तान के बॉक्सर से भिड़ेंगे।
  • आदित्य प्रताप यादव: रात 12:45 बजे (27 जुलाई) पुरुष 65 KG वर्ग में युगांडा के बॉक्सर से मुकाबला करेंगे।

निष्कर्ष

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का चौथा दिन भारत के लिए मेडल के लिहाज से शुभ साबित हुआ है। ऋषिकांत सिंह द्वारा जीता गया सिल्वर मेडल न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बहुत बड़ी उपलब्धि है, बल्कि इससे भारतीय दल के मनोबल में भी भारी वृद्धि हुई है। मणिपुर से निकलकर भारतीय सेना के माध्यम से देश का प्रतिनिधित्व करने वाले ऋषिकांत की यह कहानी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।

आगे आने वाले मुकाबलों में मीराबाई चानू, मुक्केबाजों और तैराकों से भारत को कई और पदकों की उम्मीद है। खेलप्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि भारतीय खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखेंगे और मेडल तालिका में भारत को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएंगे।

जनता के सवाल (FAQs)

👉 कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऋषिकांत सिंह ने कौन सा मेडल जीता है?

ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 KG वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में सिल्वर मेडल (रजत पदक) जीता है। यह भारत का इस गेम्स में दूसरा मेडल है।

👉 ऋषिकांत सिंह ने कुल कितना वजन उठाकर सिल्वर मेडल हासिल किया?

ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 KG वजन उठाया, जिसमें स्नैच में 121 KG और क्लीन एंड जर्क में 143 KG वजन शामिल है।

👉 60 KG वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में गोल्ड मेडल किसने जीता?

मलेशिया के अनिक कसदान (Aniq Kasdan) ने कुल 266 KG वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

👉 कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला मेडल किसने जीता था?

भारत का पहला मेडल पुरुषों के पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में झंडू कुमार ने जीता था, जिन्होंने देश को ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) दिलाया था।

👉 मेडल तालिका (Medal Tally) में भारत वर्तमान में किस स्थान पर है?

1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत अंक तालिका में 10वें स्थान पर काबिज है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 12 गोल्ड समेत 23 मेडलों के साथ पहले स्थान पर है।

👉 ऋषिकांत सिंह किस राज्य के रहने वाले हैं और उनका खेल का बैकग्राउंड क्या है?

ऋषिकांत सिंह मणिपुर के इंफाल वेस्ट के रहने वाले हैं। उन्होंने 2009 में मणिपुर स्पोर्ट्स अकादमी से ट्रेनिंग शुरू की और बाद में SAI, भारतीय नौसेना व भारतीय सेना के स्पोर्ट्स सेटअप में शामिल हुए।

👉 वेटलिफ्टिंग में स्नैच और क्लीन एंड जर्क में क्या अंतर होता है?

स्नैच में बारबेल को एक ही गति में सीधे जमीन से सिर के ऊपर ले जाना होता है, जबकि क्लीन एंड जर्क में पहले वजन को कंधों तक (क्लीन) लाया जाता है और फिर झटके से सिर के ऊपर (जर्क) उठाया जाता है।

👉 मीराबाई चानू का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुकाबला कब है?

मीराबाई चानू महिलाओं की 49 KG कैटेगरी के फाइनल में शाम 5:30 बजे गोल्ड मेडल के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगी।

👉 लॉन बॉल्स में भारतीय महिला जोड़ी की स्थिति क्या है?

नामीबिया से टाई-ब्रेक में हारने के बाद रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ अपना मैच जीतना अनिवार्य है।

👉 मुक्केबाजी (Boxing) में भारत के मुख्य मुकाबले कौन-कौन से हैं?

प्रीति पवार (54kg) का मुकाबला मलावी की मुक्केबाज से, जदुमणि सिंह (55kg) का पाकिस्तान के मुक्केबाज से और आदित्य प्रताप यादव (65kg) का युगांडा के बॉक्सर से मुकाबला है।

👉 जिम्नास्टिक्स और स्विमिंग में भारत का क्या शेड्यूल है?

जिम्नास्टिक्स में योगेश्वर सिंह और तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल में उतरेंगे, जबकि स्विमिंग में 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले हीट्स शाम 4:39 बजे से खेली जाएगी।

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