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‘फैंटा पीते रहो यूपी में…’ महुआ का CM योगी पर तीखा हमला, स्वामी विवेकानंद को लेकर कही ये बात!

✍️ Satish Kumar 📅 April 21, 2026
✅ Last Verified On: 21 Apr 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों जुबानी जंग तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर एक बड़ा हमला बोला है। मोइत्रा ने योगी आदित्यनाथ को उनके द्वारा दिए गए एक बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे ‘मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ को गलत तरीके से स्वामी विवेकानंद से जोड़ दिया था। महुआ मोइत्रा ने इसे पश्चिम बंगाल के इतिहास और नायकों का अपमान बताया है।


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📸 ‘फैंटा पीते रहो यूपी में…’ महुआ का CM योगी पर तीखा हमला, स्वामी विवेकानंद को लेकर कही ये बात!

📌 त्वरित जानकारी (Quick Summary)
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने CM योगी आदित्यनाथ द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे को स्वामी विवेकानंद से जोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने योगी को 'बुलडोजर बुद्धि' कहते हुए UP में फैंटा पीने और बंगाल को अकेला छोड़ने की सलाह दी। TMC ने इसे बंगाल के इतिहास का अपमान बताया है।

महुआ मोइत्रा का CM योगी पर तीखा वार

पश्चिम बंगाल की एक रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कथित तौर पर एक ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक प्रसिद्ध कथन का उल्लेख किया, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा भड़क गईं। मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए लिखा, “हेलो बुलडोजर बुद्धि @myogiadityanath अपने तथ्यों को सही करो। नेताजी सुभाष बोस ने कहा था, ‘मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा।’ स्वामी विवेकानंद ने ऐसा नहीं कहा था। कृपया उत्तर प्रदेश में जाकर फैंटा पीते रहो और बंगाल को अकेला छोड़ दो। तुम एक मजाक हो।”

यह तीखी प्रतिक्रिया उस वीडियो के बाद आई है जिसे तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से शेयर किया गया था। इस वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्वामी विवेकानंद के एक कथन का श्रेय देते हुए सुना जा सकता है, जो वास्तव में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का था।

TMC का BJP पर 'बंगाल के इतिहास की अज्ञानता' का आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना को बीजेपी की “बंगाल के इतिहास के प्रति घोर अज्ञानता और अवमानना” के रूप में पेश किया है। पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से साझा किए गए वीडियो के साथ एक विस्तृत पोस्ट में कहा गया, “योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर बीजेपी की बंगाल के इतिहास के प्रति चौंकाने वाली अज्ञानता और अवमानना ​​को उजागर किया है। उन्होंने अमर वाक्य “मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा” स्वामी विवेकानंद को दिया। जबकि यह वाक्य नेताजी सुभाष चंद्र बोस का था। दो बिल्कुल अलग व्यक्तित्व। दो बिल्कुल अलग विरासतें। दोनों बंगाल के सपूत। एक ही व्यक्ति ने एक ही वाक्य में दोनों का अपमान किया।”

पार्टी ने आगे अपनी बात को मजबूत करते हुए कहा, “वे स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस में अंतर नहीं कर पाते। वे गलत उद्धरण देते हैं। वे स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माला चढ़ाते हुए उन्हें नेताजी कहते हैं और फिर भी यही लोग ‘सोनार बंगला’ बनाने का सपना देखने की धृष्टता करते हैं। उनकी अज्ञानता की गहराई उनके अहंकार के बराबर ही है।”

राजनीतिक सरगर्मी और पश्चिम बंगाल चुनाव

यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए मतदान होना है। राज्य में चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होने हैं, और वोटों की गिनती 4 मई को होनी है। इस तरह के बयान और उन पर होने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाएं चुनाव प्रचार के माहौल को और अधिक गरमा सकती हैं।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में, राजनीतिक रैलियों और सार्वजनिक मंचों पर नेताओं द्वारा ऐतिहासिक तथ्यों और उद्धरणों को लेकर गलतियाँ करने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में, महुआ मोइत्रा का यह आरोप कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल तथ्यों को गलत बताया, बल्कि यह पश्चिम बंगाल के दो महान सपूतों - स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस - का भी अपमान है, निश्चित रूप से एक गंभीर मुद्दा है।

IPAC का कामकाज रोकना: TMC के लिए झटका?

इसी बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़ी एक और अहम खबर सामने आई है। खबरें हैं कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी प्रबंधन का काम करने वाली कंपनी IPAC ने अगले 20 दिनों के लिए राज्य में अपने सभी कामकाज को बंद कर दिया है। यह कदम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होने से ठीक पहले उठाया गया है। IPAC के कामकाज रोकने के निर्णय को TMC के लिए एक रणनीतिक झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राजनीतिक दल अंतिम चरण के प्रचार में जोर-शोर से जुटे हैं।

स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस: दो महान विभूतियाँ

यह समझना महत्वपूर्ण है कि स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस दो अत्यंत भिन्न ऐतिहासिक व्यक्तित्व थे, दोनों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम और आत्म-सम्मान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वामी विवेकानंद एक महान दार्शनिक, आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक थे, जिन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को विश्व मंच पर स्थापित किया। उनका संदेश प्रेम, एकता और आत्म-ज्ञान पर आधारित था।

दूसरी ओर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक उग्र राष्ट्रवादी नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया। उनका जोशीला नारा, “मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा,” भारतीयों में देशभक्ति और बलिदान की भावना जगाने वाला एक शक्तिशाली आह्वान था। इन दोनों महान विभूतियों के बीच भ्रमित होना या उनके उद्धरणों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना, जैसा कि TMC ने आरोप लगाया है, निश्चित रूप से कई लोगों के लिए आपत्तिजनक हो सकता है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

📌 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महुआ मोइत्रा ने CM योगी आदित्यनाथ पर क्या आरोप लगाया है?

महुआ मोइत्रा ने CM योगी आदित्यनाथ पर यह आरोप लगाया है कि उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे 'मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा' को गलत तरीके से स्वामी विवेकानंद से जोड़ दिया, जो कि बंगाल के इतिहास और नायकों का अपमान है।

TMC ने इस गलती को क्या बताया है?

TMC ने इस घटना को बीजेपी की “बंगाल के इतिहास के प्रति घोर अज्ञानता और अवमानना” के रूप में पेश किया है। पार्टी का कहना है कि यह गलती स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे दो महान बंगालियों का अपमान है।

IPAC का कामकाज बंद करने का क्या मतलब है?

खबरों के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले TMC के लिए चुनावी मैनेजमेंट का काम करने वाली कंपनी IPAC ने अगले 20 दिनों के लिए राज्य में अपना काम रोक दिया है, जिसे TMC के लिए एक रणनीतिक झटका माना जा रहा है।

📍 मुख्य अपडेट्स

  • TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने CM योगी आदित्यनाथ के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई।
  • योगी आदित्यनाथ ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे को स्वामी विवेकानंद से जोड़ा, जिसे महुआ ने गलत बताया।
  • TMC ने इसे बंगाल के इतिहास का अपमान और BJP की अज्ञानता करार दिया।
  • पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच IPAC ने TMC के लिए कामकाज रोका।

यह राजनीतिक विवाद पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में निश्चित रूप से एक नया अध्याय जोड़ता है, जहाँ इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय नायकों के सम्मान का मुद्दा भी गरमा रहा है।

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🔗 Reference / Official Source: https://wb.gov.in/

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