🔍

बड़ी हार! पूर्व CM हरीश रावत लालकुआं से चुनाव हारे, BJP की जीत | जानें वजह

✍️ Satish Kumar 📅 April 05, 2026
💡 Quick Summary

बड़ी हार! पूर्व CM हरीश रावत लालकुआं से चुनाव हारे, BJP की जीत | जानें वजह

  • उत्तराखंड: पूर्व CM हरीश रावत लालकुआं सीट से BJP के मोहन सिंह बिष्ट से 14 हजार वोटों से हारे। जानें इस बड़ी हार के पीछे की वजह और विश्लेषण।
  • 📌Category: Politics
  • 🚀Official Update from msntarget.com
🔥 ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले पाने के लिए हमसे जुड़ें:
✅ Last Verified On: 05 Apr 2026

उत्तराखंड की लालकुआं विधानसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट ने 14 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हरा दिया है। इस हार के साथ ही हरीश रावत की चुनावी प्रतिष्ठा को एक और बड़ा झटका लगा है। यह उनकी लगातार दूसरी बड़ी हार है, जिसने कांग्रेस खेमे में मायूसी फैला दी है।


लालकुआं से चुनाव हारने के बाद पूर्व सीएम हरीश रावत की ANI तस्वीर।
📸 बड़ी हार! पूर्व CM हरीश रावत लालकुआं से चुनाव हारे, BJP की जीत | जानें वजह
📌 त्वरित जानकारी (Quick Summary)

लालकुआं सीट से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भाजपा के मोहन सिंह बिष्ट से लगभग 14 हजार वोटों से चुनाव हार गए हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस की बागी उम्मीदवार संध्या डालाकोटी के कारण पार्टी के वोट बैंक में सेंध लगने से यह हार हुई।

चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपाइयों में जश्न का माहौल है। उन्होंने हरीश रावत की हार पर तंज कसते हुए कहा कि यह 'हर दा' नहीं, बल्कि 'हार दा' साबित हुए हैं। हरीश रावत अपनी जीत को लेकर काफी आश्वस्त थे, लेकिन कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ने वालीं संध्या डालाकोटी ने उनके समीकरणों को बिगाड़ दिया। ऐसा माना जा रहा है कि डालाकोटी ने कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाकर हरीश रावत की हार की जमीन तैयार की।

यह भी गौर करने वाली बात है कि पहले हरीश रावत को कुमाऊं की ही रामनगर सीट से टिकट दिया गया था। लेकिन, वहां के स्थानीय कांग्रेस नेता रंजीत रावत और उनके समर्थकों के विरोध के चलते उनका टिकट बदल दिया गया और उन्हें लालकुआं से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया। कांग्रेस ने इस बार राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया था, लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में हरीश रावत को ही मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। पिछले विधानसभा चुनाव में भी हरीश रावत ने हरिद्वार और किच्छा दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

📍 मुख्य अपडेट्स

  • हरीश रावत की बड़ी हार: लालकुआं सीट से बीजेपी के मोहन सिंह बिष्ट ने 14 हजार से अधिक वोटों से हराया।
  • वोट बैंक में सेंध: कांग्रेस की बागी उम्मीदवार संध्या डालाकोटी को हार का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
  • लगातार दूसरी हार: पूर्व मुख्यमंत्री को पिछले चुनाव में भी हरिद्वार और किच्छा से हार मिली थी।
  • टिकट में बदलाव: पहले रामनगर से टिकट मिला, फिर विरोध के चलते लालकुआं से चुनाव लड़े।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: हरीश रावत किस पार्टी से चुनाव लड़ रहे थे?
उत्तर: हरीश रावत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ रहे थे।

प्रश्न 2: लालकुआं सीट से विजेता कौन रहा?
उत्तर: लालकुआं सीट से बीजेपी के मोहन सिंह बिष्ट विजयी रहे।

प्रश्न 3: हरीश रावत कितने वोटों से हारे?
उत्तर: हरीश रावत लगभग 14,000 वोटों के अंतर से हारे।

प्रश्न 4: क्या यह हरीश रावत की पहली हार है?
उत्तर: नहीं, यह उनकी दूसरी बड़ी हार है। पिछले चुनाव में भी वे दो सीटों से हारे थे।

प्रश्न 5: कांग्रेस की हार का एक प्रमुख कारण क्या माना जा रहा है?
उत्तर: कांग्रेस की बागी उम्मीदवार संध्या डालाकोटी द्वारा वोट बैंक में सेंध को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।

प्रश्न 6: क्या हरीश रावत रामनगर सीट से भी चुनाव लड़ रहे थे?
उत्तर: पहले उन्हें रामनगर सीट से टिकट मिला था, लेकिन बाद में यह बदलकर लालकुआं कर दिया गया।

प्रश्न 7: इस हार के बाद हरीश रावत की राजनीतिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: इस हार से हरीश रावत की राजनीतिक स्थिति निश्चित रूप से प्रभावित होगी, हालांकि पार्टी में उनकी वरिष्ठता बनी रहेगी।

🔗 Reference / Official Source: Election Commission of India

💬 विचार और टिप्पणियाँ (Comments)

R
Ramesh Sharma 3 घंटे पहले

यह तो अपेक्षित ही था, कांग्रेस के अंदरूनी कलह का नतीजा है ये हार।

P
Priya Singh 5 घंटे पहले

सर, क्या हरीश रावत जी अब सक्रिय राजनीति से संन्यास लेंगे?

A
Anil Kumar Verma 12 घंटे पहले

बहुत सटीक विश्लेषण! संध्या डालाकोटी का फैक्टर वाकई अहम रहा।

Comments