May 18, 2020 ,
चक्रवात अम्फान अब बंगाल और ओडिशा तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है. चक्रवात की वर्तमान गति 160 किमी/घंटा है. वर्तमान में, यह दीघा से करीब 1000 किलोमीटर दूर है. जानकारी के मुताबिक 19 मई को यह चक्रवात भीषण तबाही मचा सकता है. चक्रवाती तूफान 'अम्फान' सोमवार शाम को सुपर साइक्लोन में बदल गया है.

वैसे क्या होता है चक्रवात?
सुपर साइक्लोन में बदला चक्रवात : बड़े स्तर पर हो सकता है नुकसान
सुपर साइक्लोन में बदला चक्रवात : बड़े स्तर पर हो सकता है नुकसान

जब समंदर 27 डिग्री सेल्सियस से ऊपर गर्म हो जाता है, तो खूब सारी भाप उठती है. ये भाप और गर्म होती हवा आसमान में उपर उठती है. जैसे रोडवेज़ की बस में किसी के जगह छोड़ते ही आजू-बाजू खड़े रहने वाले लोग वो जगह लेने दौड़े चले आते हैं, वैसे ही ऊपर उठती गर्म हवा की जगह लेने आस-पास की हवा में भसड़ मच जाती है.

अब ये गर्म हवा ऊपर उठकर ठंडी होने लगती है और बनते हैं नमी से भरे बड़े-बड़े बादल. आसमान में ऊपर उठते बादल कोरियोलिस फोर्स (धरती के घूमने से पैदा होने वाला एक बल) के चलते गोल-गोल घूमने लगते हैं. हवा के इधर-उधर होने और बादल बनने का सिस्टम जब लगातार चलता है, तो बात सीरियस हो जाती है और एक तूफान का जन्म होता है. जितनी गर्मी और नमी होगी, तूफान उतना ही ज़ोर का होगा.

नाम कैसे रखते हैं?

हिंद महासागर में आने वाले तूफानों को नाम देने का चलन 2004 में शुरू हुआ. भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाइलैंड ने मिलकर नाम देने का एक फॉर्मूला बनाया. इसके मुताबिक, सभी देशों ने अपनी ओर से आठ-आठ नामों की एक लिस्ट वर्ल्ड मीटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन (WMO) को दी. नाम देने लायक चक्रवात आने पर आठ देशों के भेजे नामों में से बारी-बारी एक नाम चुना जाता रहा. ‘अम्फान’ इस लिस्ट का आखिरी नाम था, जिसे थाइलैंड ने दिया था.

हिंद महासागर में आने वाले अगले चक्रवात को नाम देने के लिए नई लिस्ट भी तैयार हो चुकी है. IMD ने इस महीने अप्रैल में ये लिस्ट जारी की थी. इस बार आठ पुराने देशों के अलावा पांच नए देशों के नाम भी शामिल हैं. ये पांच देश हैं- इरान, कतर, सऊदी अरेबिया, UAE और यमन. इन सभी देशों ने अपनी-अपनी तरफ से चक्रवातों के नाम सुझाए और 169 नाम डिसाइड भी कर लिए गए.

कहां-कहां क्या होगा?

# ओडिशा

यहां के तटीय इलाकों में 18 मई की शाम से हल्की से सामान्य बारिश होना शुरू हो जाएगी. गंजम, गजवती, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रपारा ज़िले में यही बारिश तेज़ हो जाएगी. ओडिशा के उत्तरी तटीय इलाकों में (जगतसिंहपुर, केंद्रपारा, जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर और मयुरभंज ज़िले) 19 मई को ज़ोरदार बारिश होगी. 20 मई को भी होगी.

# पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल करे तटीय इलाकों में 19 मई को हल्की से सामान्य बारिश होगी. 20 मई को ईस्ट एंड वेस्ट मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली, कोलकाता और आस-पास के ज़िलों में बहुत तेज़ बारिश हो सकती है. 21 मई को भी इसके आसार बने हुए हैं.

# सिक्किम

21 मई को ही ये चक्रवात पश्चिम बंगाल के हिमालय से लगे इलाकों से होते हुए सिक्किम पहुंचेगा. इस दिन इन इलाकों में हल्की से सामान्य बारिश होगी.

बंगाल की खाड़ी के ऊपर से उठने वाले चक्रवात की गति और ताकत अभी ज्यादा बढ़ने की संभावना है. खतरे को देखते हुए ओडिशा के 12 जिलों और कोलकाता सहित बंगाल में 5 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. बंगाल में दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर हाई अलर्ट पर हैं. अगले आदेश तक मछली पकड़ने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है.

Cyclone Amphan Live Updates: चक्रवाती तूफान 'अम्फान' सुपर साइक्लोन में बदल गया है. जानकारी के मुताबिक 19 मई को यह चक्रवात भीषण तबाही मचा सकता है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान अम्फान (Cyclone Amphan) की तेज रफ्तार को देखते हुए पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है

'इसके प्रचंड चक्रवाती तूफान के रूप में 20 मई की दोपहर बाद या शाम को उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर रुख करने तथा दीघा (पश्चिम बंगाल) एवं हतिया (बांग्लादेश) द्वीपसमूहों के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटीय क्षेत्रों को पार करने की काफी संभावना है.'

पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 19 और 20 मई को भारी से काफी मूसलाधार बारिश होगी. इन जिलों में पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता हैं.

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान अम्फान से तटीय ओडिशा में 18-19 मई को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है. साथ ही अंडमान-निकोबार आइलैंड समेत कई जगहों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है. तूफान की वजह से ज्यादातर तटीय राज्यों में बारिश हो सकती है.

तूफान के दस्तक देने के दौरान समुद्र से करीब चार से छह मीटर ऊंची तूफानी लहरें आने के कारण दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों के निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं.