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मैं तेरा बायफ्रेंड तू मेरी गर्लफ्रेंड..घर वाले कहते न..न..न..न! हंसिए मत, क्योंकि यह एक गंभीर मसला है उन लोगों के लिए जिनके परिवारजन उनके प्यार को स्वीकार करने को तैयार नहीं!

अब उन प्रेमी जोड़ों को निराश होने की जरूरत नहीं है, बस एक बार इश्किया गजानन मंदिर जाकर अपने प्यार के नाम की अर्जी लगा आइए, फिर देखिए आपके परिवारजन कैसे झट से आपके प्यार को स्वाकारते हैं!

आइए जानें कि वह गजानन मंदिर कहां है।
प्रेमी जोड़ों के लिए खास है यह इश्किया गजानन मंदिर, वैलेंटाइन डे पर जरूर जाएं
प्रेमी जोड़ों के लिए खास है यह इश्किया गजानन मंदिर, वैलेंटाइन डे पर जरूर जाएं


मान्यता : प्यार करने वाले लोगों के लिए "क्यूपिड" का रोल अदा करते हैं भगवान गणेश

राजस्थान के जोधपुर में एक ऐसे गणपति विराजते हैं, जिनके प्रति युवाओं की खास आस्था है। दरअसल, प्यार करने वाले लोगों के लिए भगवान गणेश "क्यूपिड" का रोल अदा करते हैं।

इस मंदिर की मान्यता है कि यहां प्रेमी जोड़ों द्वारा मन्नत मांगने पर रिश्ता बहुत जल्द तय हो जाता है और प्यार करने वालों की मुराद पूरी हो जाती है।

इसी वजह से गणेश जी के इस मंदिर को इश्किया गजानन के नाम से जाना जाता है।

वजह : मंदिर में इस वजह से लगा रहता है प्रेमी जोड़ों का जमावड़ा

बता दें कि गणेश जी के इस मंदिर को पहले गुरु गणपति के नाम से जाना जाता था। मगर, जब से शादी से पहले प्रेमी जोड़े मुलाकात के लिए यहां आया करते थे, तब से इसका नाम इश्किया गजानन मंदिर पड़ गया।

इस मंदिर का निर्माण इस तरह किया गया है कि इसके आगे खड़े लोग दूर से किसी को नजर नहीं आते थे, जिस कारण यहां प्रेमी जोड़ों का जमावड़ा लगा रहता है।

श्रद्धा : प्रेमी जोड़ों में बरकरार है इस मंदिर के लिए श्रद्धा

आजकल के युवा भी इस मंदिर में अपनी मुराद लेकर आते हैं। समय बदलने के बावजूद प्रेमी जोड़ों की श्रद्धा बरकरार है, इसलिए जोधपुर घूमने आने वाले पर्यटकों के बीच यह मंदिर बेहद लोकप्रिय है।

गणेश जी के तमाम मंदिरों में से यह एक ऐसा अनूठा मंदिर जहां केवल गणेश चतुर्थी ही नहीं बल्कि प्रत्येक बुधवार शाम को मेले सा माहौल रहता है।

दर्शनार्थियों में सर्वाधिक संख्या युवा वर्ग की है जो इस अनूठे विनायक को अपना 'नायक' मानते हैं।

April 19, 2020 ,
टिक-टॉक पर हर दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होता रहता है, लेकिन इस बार जिसकी वीडियो वायरल हो रही हैं, उनकी वीडियो को आप भी बार-बार देखना पसंद करेंगे।

टिक-टॉक पर फेमस होने के लिए लोग तरह-तरह के फनी वीडियो बनाते रहते हैं, लेकिन एक लड़की ने तो अपनी बॉडी बिल्डिंग से तहलका मचा दिया है।

उस लड़की का नाम जैसिका गुईनान है, जिन्हें 'क्वीन ऑफ बॉडीबिल्डर्स' कहा जा रहा है और उनके वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं।
टिक-टॉक पर छाया 'क्वीन ऑफ बॉडीबिल्डर्स' का जादू, बॉडी देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान
टिक-टॉक पर छाया 'क्वीन ऑफ बॉडीबिल्डर्स' का जादू, बॉडी देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान

'क्वीन ऑफ बॉडीबिल्डर्स' की हर टिक-टॉक वीडियो है शानदार

जानकारी के मुताबिक, 23 वर्षीया जैसिका गुईनान अमेरिका के उटाह की रहने वाली हैं। उनकी हाईट 5'10 है और वे शादीशुदा हैं।

अपनी शानदार बॉडी की वजह से वह ज्यादातर वीडियो में अपनी बॉडी को फ्लॉन्ट करती रहती हैं।

अब तक टिक-टॉक पर उनके दो लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। उनके द्वारा पोस्ट की गई तमाम वीडियो के मिलाकर आठ लाख से ज्यादा लाइक्स हो चुके हैं।

जैसिका इंस्टाग्राम पर भी काफी फेमस हैं।

देंखे जैसिका का वायरल वीडियो



अपनी हर वीडियो में अपनी बॉडी को दर्शाती हैं जैसिका

इस वीडियो में जैसिका जिम में बॉडी बिल्डिंग बनाती हुई दिखा रही हैं। उनके इस वीडियो को 10 हजार से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं।

वहीं, उनकी इसी वीडियो को एक हजार लाइक्स और कमेंट्स भी मिल चुके हैं।

जैसिका द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा की गई यह वीडियो लोगों को बेहद पसंद आ रही हैं।

इस वीडियो से पहले भी जैसिका कई बार बॉडी दिखाते हुए वीडियो बना चुकी हैं, जिसे देखकर लोग जैसिका की तारीफ करते नहीं थकते।

जैसिका का यह वीडियो भी हो रहा है खूब वायरल



कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक्टिव हैं जैसिका

इस वीडियो में जैसिका एक हीरो की तरह अपनी बॉडी दिखा रही हैं उनको इस वीडियो को कई व्यूज और चार हजार से ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स मिल चुके हैं।

इंस्टाग्राम और टिक-टॉक ही नहीं, जैसिका यूट्यूब पर भी काफी एक्टीव हैं। जैसिका का यूट्यूब पर Jessica Guinan नाम का चैनल है, जिस पर वह वर्कआउट से संबंधित वीडियो साझा करती हैं।

साथ ही वर्कआउट से जुड़ी विशेष बातें और डाइट आदि के बारे में भी बताती हैं।

जैसिका का ट्रांसफॉर्मेशन


देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी के चलते अब लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 3 मई कर दी गई है। संक्रमण से बचने के लिए बॉलीवुड सेलेब्स लगातार अपने फैंस से अपील कर रहे हैं। ऐसे में अभिनेता सलमान खान भी लोगों को जागरुक करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। 

Full Video Hindi


हाल ही में एक बार फिर सलमान ने वीडियो जारी कर लोगों से घर में रहने और सावधानी बरतने की अपील की।

देश में कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार के मंगलवार को लॉकडाउन जारी रखने का ऐलान किया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम संबोधन में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि देश में 3 मई तक लॉकडाउन रहेगा।

इसे लेकर बुधवार को गृह मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी की है। इनके मुताबिक, सार्वजनिक और कार्य स्थलों पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य हो गया है।

आइये पूरी गाइडलाइंस जानते हैं।


रोक - परिवहन, स्कूल, सिनेमाघर रहेंगे बंद

सार्वजनिक परिवहन और टैक्सी सेवा पर रोक रहेगी। लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में नहीं जा सकेंगे। हालांकि, मेडिकल इमरजेंसी या विशेष अनुमित के आधार पर सफर की इजाजत होगी।

इमरजेंसी हालात में चार पहिया वाहन में ड्राइवर समेत केवल दो लोग सफर कर सकेंगे। वहीं दोपहिया वाहनों पर केवल ड्राइवर ही जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान है।

सभी शिक्षण संस्थान, कोचिंग और ट्रेेनिंग सेंटर, सिनेमा हॉल, सभी धार्मिक स्थल 3 मई तक बंद रहेंगे।

अस्पताल और डाकघर खुले रहेंगे

अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम, मेडिकल स्टोर, लैब, डाकघर, बैंक, ATM खुले रहेंगे। इनके अलावा पैथ लैब और दवाओं की कंपनियां खुली रहेगी। पेट्रोल-डीजल, LPG की सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी।

इजाजत - खेती से जुड़े काम जारी रहेंगे

सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, किसानों और कृषि मजदूरों को काम करने की छूट रहेगी।

इसके अलावा कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंगी। खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण की गतिविधियां चालू रहेंगी और इनकी दुकानें खुल सकेंगी।

कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) एक राज्य से दूसरे राज्य आ-जा सकती है। इनके आने-जाने पर रोक नहीं रहेगी।

गौरतलब है कि अभी गेंहू की कटाई का काम चल रहा है।

छूट - ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों की इजाजत

ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों को जारी रहने की छूट दे दी गई है। इसके अलावा केबल टीवी, DTH, कूरियर सेवाएं भी बहाल होंगी। बिजली मैकेनिक, प्लंबर और कॉरपेंटर अपना काम दोबारा शुरू कर सकते हैं।

सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखते हुए मनरेगा के तहत काम जारी रखने की इजाजत दे दी है। साथ ही राज्य सरकारों की तरफ से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की छूट दी गई है।

हॉटस्पॉट इलाकों में कोई भी छूट लागू नहीं होगी।

लॉकडाउन सार्वजनिक स्थानों के लिए ये हैं गाइडलाइंस

सार्वजनिक स्थानों, कार्य स्थलों और परिवहन के इंचार्ज यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

कोई भी सार्वजनिक संगठन या उसका जिम्मेदार व्यक्ति पांच से ज्यादा लोगों को एक साथ इकट्ठा नहीं होने देगा।

शादी और अंतिम संस्कार जैसे कार्यक्रमों पर जिला मजिस्ट्रेट निगरानी रखेंगे।

सार्वजनिक स्थानों पर थूकना प्रतिबंधित है। ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

साथ ही घर से बाहर निकलने वाले लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।

लॉकडाउन कार्यस्थलों को लेकर क्या गाइडलाइंडस हैं?

सभी कार्यस्थलों पर कर्मचारियों का बुखार चेक करने और सैनिटाइजर की व्यवस्था करनी होगी।

दो शिफ्ट के बीच एक घंटे का अंतर होगा और कर्मचारी अलग-अलग चरणों में लंच करेंगे।

65 साल से अधिक उम्र और लंबी समय से बीमार चले रहे कर्मचारियों को घर से काम करने दिया जाए। इसके अलावा पांच साल से छोटे बच्चों के अभिभावकों को भी घर से काम करने के लिए कहा जाए।

कर्मचारियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित करें।

बड़ी बैठकों पर रहेगी रोक

सभी संस्थान शिफ्ट के बीच अपने कार्यस्थल को सैनिटाईज करेंगे। इसके अलावा कार्यलयों में बड़ी बैठकों पर रोक लगाई गई है। यानी अब सीमित लोगों के बीच ही बैठक हो सकेगी ताकि ज्यादा लोग एक साथ एक जगह इकट्ठे न हो सकें।

लॉकडाउन सभी फैक्ट्रियों, ऑफिस और दूसरे संगठनों के लिए ये गाइडलाइंस

बिल्डिंग या ऑफिस का मुख्य दरवाजा, कैफेटेरिया और कैंटीन, मीटिंग रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, लिफ्ट, वॉशरूम, टॉयलेट, सिंक, पानी पीने की जगहें, दीवार और दूसरी जगहों की डिसइंफेक्टेंट की मदद से साफ-सफाई करना जरूरी है।

बाहर से आने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष परिवहन की सुविधा देनी होगी और इन वाहनों में क्षमता के केवल 30-40 प्रतिशत लोग सफर करेंगे।

परिसर में आने वाली मशीनों और वाहनों की स्प्रे की मदद से डिसइंफेक्ट करना जरूरी होगा।

लॉकडाउन फैक्ट्रियों और ऑफिस आदि पर लागू होंगी ये गाइडलाइंस

कार्यस्थल पर आने और जाने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी।

कामगारों का मेडिकल बीमा करवाना जरूरी होगा।

परिसर के प्रवेश और निकास द्वारों पर हाथ धोने और सैनिटाईजर की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

शिफ्ट के बीच अंतर रहना जरूरी है और कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते समय एक साथ लंच नहीं करेंगे।

बड़ी मीटिंग या 10 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक। ट्रेनिंग सेशन और साइट आदि पर छह फीट की दूरी रखना जरूरी।

लॉकडाउन सभी फैक्ट्रियों और ऑफिस आदि पर लागू होंगी ये गाइडलाइंस

किसी भी लिफ्ट में एक साथ दो या चार लोगों (लिफ्ट के आकार के लिहाज से) से ज्यादा एक साथ सवार नहीं होंगे।

गुटखा, तंबाकू आदि पर रोक रहेगी। थूकने पर कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है।

किसी भी साइट पर गैर-जरूरी लोगों के आने पर रोक रहेगी।

कार्यस्थल पर आसपास के ऐसे अस्पतालों की लिस्ट मौजूद होनी चाहिए, जहां कोरोना वायरस के संक्रमितों का इलाज किया जाता है।

3 मई तक जारी रहेगा लॉकडाउन

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को देश में जारी लॉकडाउन को 3 मई तक आगे बढ़ाने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि इसकी गाइडलाइंस बुधवार को जारी की जाएगी।

देशभर में जारी कोरोना कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के 21वें दिन देश के नाम संबोधन में मंगलवार को सुबह 10 बजे पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल के बाद कुछ सीमित सेक्टर्स में सशर्त सीमित छूट दी जा सकती है। मगर कोरोना वायरस के मामलों में कमी नहीं दिखने पर इसे वापस ले लिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि देश पूरी मजबूती के साथ कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है। जिस तरह से देशवासियों ने त्याग और तपस्या का परिचय दिया है, वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च को 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी, जिसकी अवधि मंगलवार यानी आज खत्म हो रही है।
Modi Lockdown Speech LIVE: कोरोना पर PM मोदी का ऐलान- 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, 20 अप्रैल से सीमित क्षेत्रों में सशर्त सीमित छूट मिलेगी
Modi Lockdown Speech LIVE: कोरोना पर PM मोदी का ऐलान- 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, 20 अप्रैल से सीमित क्षेत्रों में सशर्त सीमित छूट मिलेगी


3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना जिस तेजी से फैल रहा है उसने दुनियाभर में सरकारों और हेल्थ एक्सपर्टों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, हम विजयी कैसे हों, हमारा नुकसान कैसे हो, लोगों की दिक्कतें कैसे कम हो, इन बातों को लेकर राज्यों के साथ मैंने निरंतर चर्चाएं की हैं। सबका यही सुझाव यही आता है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्यों ने पहले ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा, यानी 3 मई तक हम सभी को, हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है जैसे हम करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। 

पीएम मोदी ने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना वायरस को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें हॉटस्पॉट (Hotspots) को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्पॉट का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा। 

20 अप्रैल बाद कुछ छूट संभव

पीएम मोदी ने कहा कि अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, ये देखा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो हॉटस्पॉट में नहीं होंगे और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। इसलिए, न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है। कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। 

रोज कमाई करने वाले मेरा परिवार

पीएम मोदी ने कहा कि जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। अब नई गाइडलइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो। 

भारत में एक ला्ख से अधिक बेड

उन्होंने कहा कि हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जहां जनवरी में हमारे पास कोरोना की जांच के लिए सिर्फ एक लैब थी, वहीं अब 220 से अधिक लैब्स में टेस्टिंग का काम हो रहा है। भारत में आज हम एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था कर चुके हैं। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है। 

देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई काफी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आप सभी देशवासियों की तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। आप लोगों ने कष्ट सहकर भी अपने देश को बचाया है। हमारे इस भारतवर्ष को बचाया है। मैं जानता हूं आपको कितनी दिक्कतें आई हैं। किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, तो कोई घर-परिवार से दूर है, लेकिन आप देश की खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। मैं आप सबको आदरपूर्वक नमन करता हूं। 

पीएम मोदी ने कहा कि साथियों, आज पूरे विश्व में कोरोना की जो स्थिति है, हम सब उससे परिचित हैं। अन्य देशों के मुकाबले भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए, आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी। जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। कोरोना के मरीज 100 तक पहुंचे, उससे पहले विदेश से आए हर यात्रियों के लिए भारत ने 14 दिनों का आइसोलेशन शुरू कर दिया था। मॉल, जिम आदि को बंद कर दिया गया। 

 उन्होंने कहा कि जब हमारे यहां कोरोना के 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण भारत के लॉकडाउन का एक अहम और बड़ा कदम उठा लिया। हमने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही दिखी उसी समय उसे रोकने का प्रयास किया। 

पीएम मोदी ने कहा हा कि वैसे यह ऐसा संकट है, जिसमें किसी भी देश के साथ उचित नहीं है। मगर फिर भी कुछ सच्चाइयों को नकार नहीं सकते। ये भी एक सच्चाई है कि दुनिया के सामर्थ्यवान देशों की तुलना करें तो भारत आज बहुत ही संभली हुई स्थिति में है। महीना-डेढ़ महीना पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में एक तरह से भारत के बराबर खड़े थे। आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के केस 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं। उन देशों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने सही अप्रोच नहीं दिखाया होता और सही फैसले नहीं लिए होते तो आज भारत की स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना करते ही रोएं खड़े हो जाते हैं। मगर बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है। 

उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का लाभ देश को मिला है। सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो यह महंगा जरूर लगता है, मगर भारतवासी की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती। सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनियाभर में हो रही है। 

सरकारी कामकाज शुरू होने की उम्मीद : सरकारी विभागों में शीर्ष स्तर पर शुरू हो चुके कामकाज को इसी दिशा में उठाया कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आवश्यक सेवाएं और कृषि संबंधी गतिविधियां अभी लॉकडाउन के दायरे में नहीं हैं। इन सेवाओं में कुछ और कार्य शामिल हो सकते हैं। साथ ही कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन शुरू की जा सकती हैं।

कौन-कौन राज्य कर चुके हैं लॉकडाउन का ऐलान : पंजाब, ओडिशा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना व पश्चिम बंगाल कोरोना लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने का फैसला लागू कर चुके हैं। इसके अलावा आठ राज्यों में इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है।

देश में कोरोना की स्थिति

भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला लगातार बढ़ रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 1211 मामले सामने आने के बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 10363 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना से 31 लोगों की मौत हुई है, जिससे कोविड-19 महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 339 पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कुल 10363 मामलों में से 8988 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 1035 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस से सर्वाधिक 160 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 2711 हो गई है।

आरोग्य सेतु ऐप कैसे डाउनलोड करें: दोस्तों भारत ने COVID-2019 का दहशत अब लोगों के अंदर बैठ गया है, कि हर कोई अपने आप में यह सुनिश्चित करना चाह रहा है कि उसे कोरोना वायरस हुआ है या नहीं ऐसे में भारत सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कोरोना ट्रैकर एप लॉन्च कर दिया है।

और यह सभी यूजर्स के लिए Google Play Store से डाउनलोड करने के लिए मुफ्त में उपलब्ध है (Download Aarogya Setu App For Android Mobile Phone) इस ऐप के जरिए आप अपने शरीर में करोना के खतरे को माप सकते हैं इसमें रेड, ग्रीन, येलो, ऑरेंज इंडिकेशन के जरिए करोना के खतरे को मापा जाता है।

Video In Hindi

आइए अब आपको आरोग्य सेतु एप फ्री डाउनलोड कैसे करें के बारे में बताते हैं और इससे COVID-19 का Status कैसे चेक करें यह भी बताते हैं।

ऐसे काम करता है आरोग्य सेतु ऐप:

आरोग्य सेतु आपके स्मार्टफोन के डाटा और लोकेशन की मदद से Corona के Status को Track करता है, इसका मुख्य मकसद नोवल कोरोना संक्रमित लोगों का डाटा और जानकारी इकट्ठा करना है।

अभी यह Software एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है और यह अप्प पूरी तरह से लोकेशन Based है इसीलिए जब आप किसी दूसरे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो यह आपको अलर्ट कर देता हैं कि आप के आस-पास कोई इन्फेक्टेड व्यक्ति है।

यह अप्प सटीक रिजल्ट तभी दे पाएगा जब सभी लोग इस ऐप पर रजिस्टर हो और सभी ने अपनी सही जानकारी के साथ ही COVID-19 India के Questionnaire को बिलकुल सही तरीके से भरकर Submit किया हो। आइए अब आपको Aarogya Setu App Free APK Download कैसे करें और इसका इस्तेमाल कैसे करें इसके बारे में बताते हैं।

Aarogya Setu App Free Download For Android Apk

यह एप्लीकेशन अभी केवल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है इसे डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और Aarogya Setu लिखकर सर्च करें या आप नीचे दिए गए डाउनलोड लिंक से भी इसे डाउनलोड कर सकते हैं, यह एक Free ऐप है इसलिए इसके लिए आपको कोई भी चार्ज नहीं देना आप फ्री में ही अपना करोना स्टेटस चेक कर सकते हैं।

ऐसे करें कोरोना ट्रैकर एप आरोग्य सेतु में अपना चेकअप: Step by Step Install guide Aarogya Setu App

एप्लीकेशन में आपको फॉर्म भरना होता है और यहां आपको Covid-19 से जुड़े कुछ सवालों का जवाब देना होता है इसके बाद तो आपका स्टेटस बता दिया जाता है

Step 1. सबसे पहले आप गूगल प्ले स्टोर से Aarogya Setu ऐप को डाउनलोड करें।

Step 2. यहां आपको कुछ जानकारी दी गई है अगर आप इन्हें पढ़ना चाहे तो पढ़े नहीं तो Next पर क्लिक करके आगे बढ़ते जाएं और सभी परमिशन को Allow करें।

Step 3. अब आप यहां अपने फोन नंबर से OTP के जरिए रजिस्टर करें।

Step 4. अकाउंट बन जाने के बाद आपके सामने करोना के बारे में कुछ विशेष जानकारी दी गई है और यहाँ आपको ग्रीन कलर की पट्टी भी दिखेगी जो आपका स्टेटस बताती है।

Step 5. अपना corona status चेक करने के लिए आप App में सेल्फ असेसमेंट टेस्ट के Option पर क्लिक करें और यहाँ कुछ आसान से सवालों का ज़वाब दे।

Step 6. यहाँ आपका लिंग, आयु और आपके स्वास्थ्य से जुड़े भी कुछ सवाल होंगे जैसे क्या आपको साँस लेने में तकलीफ हो रही है?, आपके शरीर का वर्तमान तापमान कितना है? और कुछ सामान्य सवाल जैसे आपकी विदेश यात्रा आदि...

Step 7. सभी सवालों के ज़वाब देने के बाद आप यहाँ सबमिट करें जिसके बाद आपके सामने आपका कोरोना स्टेटस निकलकर सामने आ जाएगा।

Step 8. अब आरोग्य सेतु आपके मोबाइल को ट्रैक करना शुरू कर देगा।

Jio Corona Symptom Checker App for Android: Using Step by Step Install guide App 

जिओ ने भी यूजर्स के लिए COVID-19 के लक्षण चेक करने का फीचर लॉन्च किया है जहां से आसानी से अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं यहां भी आपको कुछ सवाल दिए जाते हैं आप इन सवालों के जवाब देकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।

जिओ में चेक करने के लिए आप निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

आप यह Test किसके लिए कर रहें है: अपने लिए, अपने Parents के लिए, बच्चो के लिए या किसी और के लिए.. इनमे से कोई 1 विकल्प चुने।

अब अपना Gender चुने पुरुष है तो Male चुने, महिला के लिए Female और अन्य के लिए Others विकल्प को चुने।

अब यहाँ अपना Age-group Select करें और दिए गए आयु वर्ग में से जो सही है उसे सेलेक्ट करें।

अगले Step में अपनी Health Condition के बारे में बताए और अगर आपको इनमे से कोई प्रॉब्लम नहीं है तो None of the above को चुने।

और अगर आप पिछले दिनों किसी भी देश की यात्रा पर गए थे तो वह देश Select करे अन्यथा None of the above पर क्लिक कर दें।

अंत में आप अगर ऐसे किसी व्यक्ति के सम्पर्क में आए है जो जुकाम, खांसी, बुखार, या साँस लेने की दिक्कत से प्रभावित था तो Yes पर क्लिक करें नहीं तो No वाला बटन दबाए,

अब पिछले 14 दिनों में अगर आप या आपके घर में से कोई व्यकिति COVID-19 रोगी के सम्पर्क में आया है तो Yes नहीं तो No करें,

क्या आपको बुखार है हाँ तो Yes अन्यथा No दबाए।

क्या आपको सिर दर्द है?

क्या आपको खांसी है?

क्या आपक cold है?

क्या आपके गले में खराश है?

क्या आपको श्वास लेने में तकलीफ महसूस हो रही है?

आदि सवाल का सही जवाब देकर सबमिट करें जिसके बाद आपको Risk of COVID-19 बता दिया जाता है और आप Recommendation को फॉलो कर सकते है।

April 11, 2020 ,
कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के रक्त प्लाज्मा से अब इस रोग से पीड़ित अन्य मरीजों का उपचार किया जा सकेगा।  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने रक्त प्लाज्मा से इस रोग के मरीजों के उपचार के ट्रायल की अनुमति दे दी है। एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर नवल विक्रम ने बताया कि कोरोना से ठीक हो चुके एक व्यक्ति के खून से कोरोना पीड़ित चार लोगों का इलाज किया जा सकता है।  

 ऐसे काम करती है रक्त प्लाज्मा तकनीक:

एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर नवल विक्रम के मुताबिक यह उपचार प्रणाली इस धारणा पर काम करती है कि वे मरीज जो किसी संक्रमण से उबर जाते हैं उनके शरीर में संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इसके बाद नए मरीजों के खून में पुराने ठीक हो चुके मरीज का खून डालकर इन एंटीबॉडीज के जरिए नए मरीज के शरीर में मौजूद वायरस को खत्म किया जाता है।

ठीक मरीज से 14 दिन बाद ही लिया जा सकता है प्लाज्मा :

प्रोफेसर नवल विक्रम के मुताबिक किसी मरीज के शरीर से प्लाज्मा( एंटीबॉडीज) उसके ठीक होने के 14 दिन बाद ही लिया जा सकता है और उस रोगी का कोरोना टेस्ट एक बार नहीं, बल्कि दो बार किया जाएगा। इतना ही नहीं ठीक हो चुके मरीज का एलिजा टेस्ट भी किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि उसके शरीर में एंटीबॉडीज की मात्रा कितनी है। इसके अलावा प्लाज्मा देने वाले व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है कि कहीं उसे कोई और बीमारी तो नहीं है।

एक डोनर के प्लाज्मा का चार मरीजों में इस्तेमाल: 

इस तकनीक में ठीक हो चुके रोगी के शरीर से ऐस्पेरेसिस विधि से खून निकाला जाएगा। इस विधि में खून से सिर्फ प्लाज्मा या प्लेटलेट्स जैसे अवयवों को निकालकर बाकी खून को फिर से उस डोनर के शरीर में वापस डाल दिया जाता है। प्रोफेसर नवल विक्रम के मुताबिक एक व्यक्ति के प्लाज्मा से चार नए मरीजों को ठीक करने में इसका इस्तेमाल हो सकता है। दरअसल एक व्यक्ति के खून से 800 मिलीलीटर प्लाज्मा लिया जा सकता है। वहीं कोरोना से बीमार मरीज के शरीर में एंटीबॉडीज डालने के लिए लगभग 200 मिलीलीटर तक प्लाज्मा चढ़ाया जा सकता है। इस तरह एक ठीक हो चुके व्यक्ति का प्लाज्मा 4 लोगों के उपचार में मददगार हो सकता है।  उन्होंने बताया कि यह सभी रोगियों को देने की जरूरत नहीं हैं। जिन रोगियों की तबीयत ज्यादा खराब है, उन्हीं को यह दिया जाए तो ज्यादा बेहतर है क्योंकि अभी देश में ठीक हो चुके रोगियों की संख्या बहुत कम है जबकि नए मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टर नवल विक्रम के मुताबिक पहले भी सार्स और स्वाइन फ्लू जैसे कई संक्रामक रोगों में इसका इस्तेमाल हो चुका है।

पांच मेडिकल कॉलेजों को ट्रायल की अनुमति:

देश के पांच आयुर्विज्ञान कॉलेज और अस्पतालों में इसका क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि तिरुवनंतपुरम स्थित चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान को क्लीनिकल ट्रायल के तौर पर सीमित संख्या में इस तकनीक के इस्तेमाल की अनुमति मिली है। चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान संस्थान की निदेशिका डॉ. आशा किशोर ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण के ठीक हो चुके मरीज के रक्त प्लाज्मा की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता के लिए उन्होंने रक्त दान की उम्र सीमा में रियायत देने की मांग की है।

April 09, 2020 , , , , ,
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर राजधानी के इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) दिल्ली ने 'वॉश करो' एप बनाया है। इसे गूगल प्ले से डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कोरोना से जुड़ी सारी जानकारी देता है। 
WashKaro App - वॉश करो एप, रखेगा आपको अलर्ट

वॉश करो एप को डाउनलोड करने वाले लोग यदि 2 से 20 मीटर के दायरे में होते हैं तो यह एप तुरंत अलर्ट करता है। इस एप को आईआईटी दिल्ली के कंप्यूटेशनल बॉयोलॉजी की प्रोफेसर तवप्रितेश सेठी और कंप्यूटर साइंस के प्रो. पी कुमारगुरु ने तैयार किया है। प्रो. पी कुमारगुरु ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन भी इस पर है। यह एप आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस की मदद से सही जानकारी देगा। अभी एप में उन लोगों का डाटा उपलब्ध नहीं है जिन्हें क्वारंटाइन किया गया है या जो कोरोना से पीड़ित हैं।

ये फीचर हैं खास 

कोविड ट्रैकर- इसके माध्यम से एप डाउनलोड करने वाले लोग, जिनके मोबाइल का ब्लूटूथ ऑन है, उनके 20 मीटर के अंदर आते ही एप अलर्ट कर देगा। दिलचस्प यह है कि इसके लिए किसी तरह के इंटरनेट या डाटा की जरूरत नहीं है। 

ऑनएयर- इसके तहत आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस की मदद से कोविड 19 के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा कोरोना से संबंधित खबरें भी मिलेंगी। जो जानकारी डब्ल्यूएचओ के अनुसार नहीं होंगी, उसकी जानकारी भी यह एप देगा। 

चैट बाक्स- कोरोना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए इस एप का उपयोग करने वाला डब्ल्यूएचओ और भारत सरकार हेल्पलाइन पर चैट कर सकता है।  

मिसलेनियस- इसमें उपयोगी जानकारी होगी। साथ ही कोरोना से जुड़े जो मिथक हैं, उनकी जानकारी होगी।

- कोरोना एक्शन इंडिया- भारत कोरोना को लेकर क्या काम कर रहा है, इसकी जानकारी मिलेगी। सरकार की वेबसाइट के रोज के आंकड़े इसके डैशबोर्ड पर आ जाएंगे। 

- पेशेंट मैनेमेंट एंड ट्रैकिंग टूल्स- कोरोना के मरीजों के बारे में जानकारी लेकर उनको ट्रेस करने पर काम हो रहा है। लेकिन अभी उससे संबंधित डाटा उपलब्ध नहीं है। डाटा होने पर यह एप और उपयोगी साबित हो सकता है।

Lockdown के बीच सरकार ने आम आदमी और गरीब को बड़ी राहत दी है और इसके लिए पिछले महीने ही वित्त मंत्री ने पैकेज का ऐलान किया था। इस पैकेज में जहां जनधन खाते में हर महीने 500 रुपए देने के साथ ही मुफ्त LPG सिलेंडर के अलावा किसानों को भी किसान योजना के तहत राहत दी गई है। 

Step by step guide Video वीडियो हिंदी


सरकार ने यह रकन सीधे बैंक खाते में हर महीने के हिसाब से ट्रांसफर करने का ऐलान किया था और यह करना भी शुरू कर दिया है। किसी भी तरह के ऑनलाइन पेमेंट की रकम इन दिनों सीधे ही बैंक खाते में आ जाती है। अब अगर आप भी बैंक नहीं जा पा रहे हैं तो जानिए कैसे घर बैठे आप अपने मोबाइल से ही यह जान सकते हैं कि आपके जनधन खाते में पैसे आए या नहीं या फिर LPG सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी पहुंची या नहीं।
इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे और इनकी मदद से आप आसानी से यह जान सकेंगे कि आपके खाते में पैसे आए या नहीं। हम आपको बताते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया।

यह है तरीका

- इसके लिए आपको सबसे पहले आपको https://pfms.nic.in/NewDefaultHome.aspx पर क्लिक करके Public Financial Management System PFMS पर जाना होगा।

- यहां आपको Know Your Payments के विकल्प पर क्लिक करना होगा।

- इसके खुलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है लेकिन इसके खुलते ही आपको यहां बैंक का नाम डालना होगा।

- इसके बाद उसमें अपना बैंक अकाउंट नंबर डालें।

- इसे कंफर्म करने के लिए आपको फिर से अकाउंट नंबर डालने के लिए कहा जाएगा।

- इसके बाद आपको नीचे दिए के कैप्चा कोड को डालना होगा।

- इसे डालने के बाद यहां दिए सर्च बटन पर क्लिक करें।

- क्लिक करते ही आपके सामने आपके बैंक खाते से जुड़ी जानकारी आ जाएगी। जिसमें यह सारी जानकारी होगी कि यह पैसे कहां से आए हैं।

April 08, 2020 , ,
जानलेवा कोरोना वायरस से दुनियाभर में अबतक 82 हजार से ज्यादा लोग मर चुके हैं. वहीं, 14 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं. इस वायरस को खत्म करने के लिए अभी तक किसी कारगर दवाई की खोज नहीं हुई है, लेकिन दुनियाभर के बड़े-बड़े वैज्ञानिक अब दवाईयों की खोज में जुट गए हैं. बड़ी बात यह है कि कोरोना पर मार करने वाली वैक्सीन के लिए सबकी नजरें भारत पर टिकीं हैं. ऐसा क्यों है? पढ़ें ये रिपोर्ट.

1. कोरोफ्लू वैक्सीन हजारों लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस का काल साबित हो सकती है.
2. कोरोफ्लू अमेरिका की फ्लूजेन कंपनी की फ्लू वैक्सीन M2SR के आधार पर विकसित हो रही है.
कोरोना वायरस पर मार करेगी ‘कोरोफ्लू’ वैक्सीन, जानिए भारत में बन रही इस दवाई के बारे में सबकुछ
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वायरस का काल साबित हो सकती है कोरोफ्लू वैक्सीन

दरअसल कोरोफ्लू नाम की एक वैक्सीन इन दिनों खूब चर्चा में है. कोरोफ्लू वैक्सीन हजारों लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस का काल साबित हो सकती है. ये दावा है वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉक्टर एला कृष्णा का है.

भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉक्टर एला कृष्णा ने कहा है कि हमने कोरोफ्लू नाम की वैक्सीन बनाई है, उम्मीद है कि वैक्सीन कोरोना वायरस जैसी महामारी को खत्म कर देगी. बता दें कि हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक कोरोना वायरस की इस संभावित वैक्सीन पर अमेरिकी कंपनी फ्लूजेन के संस्थापकों योशिरो कावाओका और गैब्रियेल न्यूमैन के साथ मिलकर काम कर रही है.

कोरोफ्लू के बारे में जानिए

कोरोफ्लू अमेरिका की फ्लूजेन कंपनी की फ्लू वैक्सीन M2SR के आधार पर विकसित हो रही है. कोरोफ्लू वैक्सीन मरीज के शरीर में नाक के जरिए पहुंचाई जाएगी. वैक्सीन का साल के आखिर तक मानव परीक्षण संभव है. वहीं, दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में अक्टूबर तक इसका मनुष्यों पर परीक्षण हो सकता है.

कई सफल वैक्सीन बना चुकी है भारत बायोटेक

भारत बायोटेक कंपनी चिकनगुनिया और जीका वायरस जैसी खतरनाक महामारियों के लिए सफल वैक्सीन बना चुकी है. अगर कोरोना की वैक्सीन भी सफल रही तो यह इस कंपनी की बड़ी उपलब्धि होगी, लेकिन इसमें अभी काफी वक्त लग सकता है.

प्रतिरक्षा मजबूत करेगा नया टीका 

भारत बायोटेक के मुताबिक कोरोफ्लू फ्लुजेन कंपनी की प्रचलित फ्लू वैक्सीन एम2एसआर पर आधारित है। एम2एसआर इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सूक्ष्म संस्करण है, जो फ्लू के खिलाफ एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है। अब एक प्रयोगशाला में एम2एसआर में सार्स-सीओवी-2 की जीन सिक्वेंसी को डाला जाएगा, ताकि नया टीका कोरोना वायरस के खिलाफ भी प्रतिरक्षा को प्रेरित करे।

साल के अंत तक लोगों पर परीक्षण

भारत बायोटेक के बिजनेस डेवलपमेंट प्रमुख डॉ. चेस एला ने कहा कि भारत बायोटेक की ओर से वैक्सीन का निर्माण किया जाएगा और नैदानिक परीक्षण किया जाएगा और वैश्विक वितरण के लिए वैक्सीन की लगभग 30 करोड़ खुराक का उत्पादन करने के लिए भी कंपनी तैयार रहेगी। सहयोग-समझौते के तहत फ्लुजेन अपनी मौजूदा विनिर्माण प्रक्रियाओं को भारत बायोटेक को हस्तांतरित करेगी ताकि कंपनी को उत्पादन में वृद्धि करने और नैदानिक परीक्षणों के लिए वैक्सीन का उत्पादन करने में सक्षम बनाया जा सके। जानवरों में परीक्षण के लिए यह टीका तीन से छह महीने में, जबकि मानव परीक्षण के लिए इसके 2020 के अंत तक उपलब्ध होने की उम्मीद है।

दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस जानलेवा वायरस की वैक्सीन ढूंढने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक दिनों-रात लगे हुए है। इसी कड़ी में हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी कोरोना पीड़ितों के लिए नाक के जरिए ली जाने वाली एक विशेष वैक्सीन तैयार कर रही है। यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कांसिन मैडीसन और वैक्सान निर्माता कंपनी फ्लूजेन के वायरोलॉजिस्ट ने भारत बायोटेक के साथ मिलकर इस जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाने का काम कर रही है। इस वैक्सीन को कोरोफ्लू नाम दिया गया है। कंपनी ने इसके निर्माण करने के लिए परीक्षण शुरू कर दिया है। 

भारत बायोटेक ने जानकारी देते हुए बताया है कि कोरोफ्लू वैक्सीन, फ्लूजेन कंपनी की फ्लू वैक्सीन एम2एसआर के आधार पर विकसित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है फ्लू की एमटूएसआर वैक्सीन यूनिवर्सिटी आफ विस्कांसिन-मैडीसन के वाइरोलाजिस्ट और वैक्सीन निर्माता कंपनी फ्लूजेन के संस्थापकों योशिरो कावाओका व गैब्रियेल न्यूमैन ने ईजाद की थी। 

इस वैक्सीन के विभिन्न परीक्षणों में तीन से छह माह का वक्त लग सकता है। एक बार तैयार होने के बाद इस वैक्सीन की एक बूंद कोरोना मरीजों की नाक में डाली जाएगी। यह वैक्सीन मनुष्यों के लिए पूरी तरह सुरक्षित होने वाली है। 

भारत बायोटेक ने बताया कि कोरोफ्लू नाक की वैक्सीन इस साल के अंत तक मानव परीक्षण के लिए तैयार होने की उम्मीद है। अमेरिका में अक्तूबर तक इसका मनुष्यों पर परीक्षण होगा। इसके बाद भारत बायोटेक कंपनी भी कुछ परीक्षण करेगी। परीक्षण सफल रहने पर कंपनी 30 करोड़ खुराक का उत्पादन करेगी। 

गौरतलब हो कि अभी तक कोई भी देश या संस्था इस जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए कोई वैक्सीन तैयार नहीं कर पाया है। दुनियाभर की कंपनियां कोरोना की वैक्सीन बनाने में लगी हुई है। यहां तक की दुनिया का सबसे ताकतवार देश अमेरिका में भी वैक्सीन अभी परीक्षण चरण में ही है। 

माना जा रहा है कि अभी कोरोना की वैक्सीन आने में लंबा वक्त लग सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरी बनाने का सुझाव दिया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पॉजिटिव केस की संख्या 5000 के पार चली गई है। ऐसे में 14 अप्रैल को देश में जारी लॉकाउन को हटाना संभव नहीं है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यस में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने यह बात कही है। इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने संपूर्ण लॉकडाउन पर चर्चा की। आपको बता दें कि कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ाने की अपील प्रधानमंत्री से की है।
सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'देश में स्थिति 'सामाजिक आपातकाल' के समान है इसके लिए कड़े फैसलों की जरूरत है और हमें सतर्क रहना चाहिए। राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है।' इससे तो अब एक बात स्पष्ट लगने लगा है कि देश में लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ने वाली है। हालांकि इसका स्वरूप यही रहेगा या फिर इसमें कोई तब्दीली की जाएगी, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
PM नरेंद्र मोदी बोले- 14 अप्रैल को लॉकडाउन हटाना संभव नहीं - योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP के 15 जिलों के हॉट स्पॉट
PM नरेंद्र मोदी बोले- 14 अप्रैल को लॉकडाउन हटाना संभव नहीं - योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP के 15 जिलों के हॉट स्पॉट

सीएम उद्धव ठाकरे बोले- लॉकडाउन के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरने ने कहा है कि बंद की वजह से हुई असुविधा के लिए खेद है लेकिन हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे समाचार चैनलों के माध्यम से दुनिया भर से खबर मिल रही है कि वुहान (चीन) में चीजें सामान्य स्थिति में लौट आई हैं और प्रतिबंध हटाए जा रहे हैं। यह अच्छी खबर हैं। इसका मतलब समय के साथ चीजें बेहतर हो सकती हैं।

UP के 15 जिलों के हॉटस्पॉट वाले इलाके होंगे सील

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़त कहर को देखते हुए योगी सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 15 जिलों के हॉटस्पॉट वाले इलाकों को 13 अप्रैल तक पूरी तरह सील करने के आदेश दिए हैं। आज रात 12 बजे के बाद लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, शामली, मेरठ, सीतापुर, बरेली, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, बस्ती, सहारनपुर और महाराजगंज के जिस इलाकों में कोरोना का मरीज पाए गए हैं वो सील कर दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के मामलों में पिछले दो से तीन दिनों में काफी तेजी आई है। देश में कोरोना पीड़ित लोंगो की संख्या 5194 हो गई है, जबकि 149 लोगों की मौत भी हुई है।

लॉकडाउन के साइड इफेक्ट: 1600 सगाई-शादियां टलीं, सवा अरब रुपये का नुकसान, 3.5 लाख लोगों की रोजी-रोटी गई

पिछले 15 दिनों से कोरोना के कारण चल रहे लॉकडाउन का ग्रहण अप्रैल-मई में होने वाली शादियों पर भी लग गया है। सिर्फ लखनऊ में ही तकरीबन 1600 शादियां, तिलक, सगाई टल गए हैं। अनुमान है कि शादियां टलने से इनसे जुड़े कारोबार को लगभग सवा अरब का नुकसान हो रहा है। लगभग साढ़े तीन लाख लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है।

अप्रैल में होने वाले सभी शुभकार्य स्थगित हैं जबकि मई की लगभग 90 प्रतिशत शादियां अब तक टाली गई हैं। होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा बताते हैं कि लखनऊ में छोटे-बड़े करीब 800 होटल हैं। कुछ शादियों के लिए बुक होते हैं तो कुछ सगाई, तिलक जैसे छोटे कार्यक्रमों के लिए। ताज, रेनेसां, हयात, पिकैडली, क्लार्क अवध जैसे बड़े होटल हों या सैंकड़ों की संख्या में मौजूद छोटे होटल, सभी का पूरा कारोबार ठप है।

चांसलर क्लब के मालिक जसमिन्दर सिंह बताते हैं कि उनके क्लब की अप्रैल-मई की लगभग 40 शादियां टली हैं। अब लोग नवम्बर-दिसम्बर या फिर जनवरी से मार्च 2021 के बीच की तारीखें देख रहे हैं। समस्या यह है कि उधर की तारीखों में होटल, रिजॉर्ट, कैटरर्स आदि पहले से बुक हैं। लिहाजा अप्रैल-मई में शादियां टालने वालों को इंतजार करना पड़ सकता है।

82 हजार के पार पहुंचा दुनिया में कोरोना वायरस से मौत का आंकड़ा, भारत में अबतक 149 की गई COVID-19 से जान

कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में मरने वालों की संख्या बुधवार को 80 हजार के पार पहुंच गई। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के कोरोनावायरस रिसोर्स सेंटर द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। वैश्विक स्तर पर  संक्रमण के 1,431,375 मामलों के साथ अब तक कुल 82,145 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, दुनिया भर में वायरस से संक्रमित 3,01,385 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं।

इटली, स्पेन, ब्रिटेन और फ्रांस में ज्यादा संख्या में मौतें होने का सिलसिला जारी है। जबकि अमेरिका में सबसे अधिक पॉजिटिव मामले हैं, जहां अब तक 3,83,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। स्पेन, इटली और फ्रांस में क्रमश: एक लाख 40 हजार, एक लाख 35 हजार और एक लाख दस हजार कोरोना संक्रमण के मामले हैं।

इटली में मौत का आंकड़ा 17,127, स्पेन में 13,897, अमेरिका में 12,021 और फ्रांस में 10,343 है।

कई देशों ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया है और लॉकडाउन को लागू किया है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरना वायरस को महामारी घोषित किया है और अब यूरोप इस बीमारी का केंद्र बन गया है।

April 07, 2020 , ,
कोरोनावायरस (Coronavirus) के जिस तरह मामले बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन (Lockdown) 14 अप्रैल को खत्म होगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है. इस बीच, सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कई राज्य सरकारों और विशेषज्ञों ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की गुजारिश की है. केंद्र सरकार अब इस दिशा में विचार कर रही है. हालांकि, केंद्र की तरफ से अभी तक लॉकडाउन बढ़ाने का आधिकारिक तौर पर फैसला नहीं हुआ है.
कोरोना संकट को देखते हुए  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 25 मार्च से अगले 21 दिन तक लॉकडाउन का एलान किया है. इस बीच ट्रेन, बस और हवाई जहाज का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. सिर्फ जरूरी सेवाओं की आपूर्ति के लिए ही आवागमन को मंजूरी दी गई है. शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई राज्य सरकारें और विशेषज्ञों अभी लॉकडाउन आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं. केंद्र सरकार इस सलाह पर विचार कर रही है.

राज्य भी चाहते हैं लॉकडाउन बढ़े?

देश में कई राज्य कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाने या धीरे-धीरे हटाने की बात कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बारे में कहा कि हमारे लिए लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है. अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा किया जा सकता है लेकिन यदि लोग मर गए तो उन्हें दोबारा नहीं लाया जा सकता है. इसलिए यदि जरूरत पड़ती है तो लॉकडाउन को हम आगे बढ़ा देंगे. इस बारे में फैसला स्थिति को देखते हुए किया जाएगा.

दूसरी ओर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाना सही रहेगा. 21 दिन की अवधि खत्म होने के बाद तुरंत लॉकडाउन नहीं हटाया जा सकता है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक संवाददाता सम्मेलन में गहलोत ने कहा कि हमा लॉकडाउन तुरंत नहीं हटा सकते हैं. इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाना होगा, ऐसा मुझे लगता है. उन्होंने कहा कि हालांकि लॉकडाउन हटाने का फैसला टॉस्क फोर्स की सिफारिशों के बाद लिया जाएगा.

तेलंगाना और UP बढ़ा सकते हैं लॉकडाउन

तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव ने केंद्र को लॉकडाउन की अवधि को दो हफ्ते बढ़ाने का सुझाव दिया है. मुख्यमंत्री राव ने इसके लिए बीसीजी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें लॉकडाउन को 3 जून तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया था. हालांकि, तेलंगाना ने भी अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक एलान नहीं किया है. राव ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री, भारत सरकार से अपील करता हूं कि वे बेझिझक लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दें. किसी से भी सलाह लें, प्रत्येक मुख्यमंत्री से सलाह करें, पूरे देश के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करें, लेकिन सोच-समझकर फैसला लें क्योंकि भारत में हमारे पास इस जानलेवा वायरस से निपटने का और कोई हथियार नहीं है.’

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने की संभावना लग रही है. यूपी सरकार के सूत्रों के अनुसार जब तक प्रदेश में कोरोना का एक भी मामला रहेगा, तब तक लॉकडाउन नहीं खोला जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्म करने के सुझाव मांग चुके हैं.

देश में कोरोना के 4400 से ज्यादा मामले, 176 मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवारण कल्याण मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना के मामले बढ़कर 4421 हो गए हैं. अभी तक 117 लोगों के मरने की खबर है. वहीं, बीते 24 घंटे की बात करें तो कोरोनों के 354 नए मामले सामने आए और 8 मरीजों की मौत हुई है.

क्या है भारत का हाल?

देश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 700 से भी ज्यादा मामले सामने आए और आंकड़ा 4000 से आगे निकल चुका है। अब तक 109 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 4 दिनों में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले डबल हो गए हैं। अगर आने वाले हफ्तों में भी इसी रफ्तार से मामला आगे बढ़ा तो हालात और खराब हो सकते हैं।

क्या है लॉकडाउन पर दूसरा प्रस्ताव

सरकार इस पर भी गौर कर रही है कि लॉकडाउन सिर्फ Covid-19 हॉटस्पॉट वाले इलाकों पर ही बढ़ाया जाए, पूरे देश के लिए नहीं। हेल्थ मिनिस्टर ने देश भर में कम से कम 20 वायरस हॉटस्पॉट की पहचान की है जबकि 22 संभावित हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी आज कैबिनेट बैठक में इस बात की चर्चा करेंगे।  इसके बाद ही इसका फैसला होगा कि लॉकडाउन जारी रहेगी या हट जाएगी।

पिछले हफ्ते एक पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह कहा था कि लॉकडाउन चरणबद्ध तरीके से हटाया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार, 5 अप्रैल को कहा कि अगर राज्य में संक्रमण इसी तरह बढ़ते रहे तो वह लॉकडाउन नहीं हटाएगा। महाराष्ट्र पर कोरोनवायर संक्रमण की मार सबसे ज्यादा पड़ी है। वहां 690 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को मुंबई के वोकहार्ट अस्पताल में 26 नर्स और 3 डॉक्टर भी संक्रमित हो गए जिसके बाद अस्पताल को कंटेनमेंट ज़ोन बना दिया गया है।

कोरोना और कोविड (COVID-19) शब्दों ने दुनियाभर में खौफ पैदा कर रखा है, जिस वजह से कई देशों में लॉकडाउन है। भारत में भी 21 दिनों का पूर्ण लॉकडाउन चल रहा है, लेकिन इसी बीच एक ऐसा मामला आया है, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है।

दरअसल, लॉकडाउन के दौरान जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया, जिनका नाम उनके माता-पिता ने 'कोरोना और कोविड' ही रख दिया, क्योंकि उनके अनुसार बच्चे कठिनाइयों पर विजय के प्रतीक हैं।

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जुड़वा बच्चों का नाम 'कोरोना और कोविड'

यह मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का है, जहां की पुरानी बस्ती के निवासी विनय वर्मा और प्रीति वर्मा ने अपने जुड़वा बच्चों का नाम कोरोना और कोविड रख दिया।

दंपती के अनुसार, उनके बच्चों के ये नाम हमेशा इस लॉकडाउन की याद दिलाते रहेंगे, क्योंकि वे उनके जन्म वाले दिन को जिंदगी भर नहीं भूल सकते।

बता दें कि इन बच्चों का जन्म 27 मार्च की शाम को रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में हुआ है।

अस्पताल पहुंचने में बहुत कठिनाइयों का करना पड़ा सामना

जानकारी के मुताबिक, प्रीति ने बताया कि जब उनको अचानक गंभीर दर्द का अनुभव हुआ, तब उनके पति ने 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा के तहत संचालित एक एम्बुलेंस की व्यवस्था की।

वहीं, विनय ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं थी, हमें विभिन्न स्थानों पर पुलिस ने रोक दिया था, लेकिन उन्होंने हालत को देखते हुए जाने दिया।

इसके बाद प्रीति ने स्वस्थ जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।

जुड़वा बच्चे बन गए अस्पताल के आकर्षण का केंद्र

बीआर आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल के PRO शुभ्रा सिंह ने बताया कि जैसे ही प्रीति अपने पति के साथ अस्पताल पहुंची, तुरंत एक सीजेरियन सेक्शन करने की व्यवस्था की गई क्योंकि उनका मामला गंभीर था। लेकिन उनके आने के 45 मिनट में प्रीति की डिलीवरी सफलतापूर्वक हो गई।

उन्होंने आगे कहा कि प्रीति ने एक लड़का (कोविड) और एक लड़की (कोरोना) को जन्म दिया, जो अपने नाम से अस्पताल में आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।

इन बच्चों के नाम भी उनके परिजनों ने कोरोना वायरस से संबंधित शब्दों पर रखें

यह पहली बार नहीं जब नवजात बच्चों का नाम कोरोना वायरस से संबंधित रखा गया हो।

इससे पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के अस्पताल में जन्मी एक बच्ची का नाम उसके परिजनों ने 'कोरोना' रखा है।

वहीं, हाल ही में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के खुखुंदू गांव में एक नवजात बच्चे का नाम उसके माता-पिता ने 'लॉकडाउन' रखा है, क्योंकि उनके अनुसार लॉकडाउन राष्ट्रीय हित का हिस्सा है।

कोरोना वायरस के संकट और लॉकडाउन के बीच एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है।

दरअसल, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को बेचने के लिए OLX पर एक विज्ञापन डाला गया है।
इस विज्ञापन में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को 30 हजार करोड़ रुपये में बेचने के लिए रखा गया। हालांकि, कंपनी ने विज्ञापन पोस्ट होने के थोड़ी देर बाद ही उसे हटा दिया। आइए जानें क्या है मामला।

विज्ञापन में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' बेचने का कारण भी बताया

olx वेबसाइट पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को बेचने का विज्ञापन निकला था।

केवडिया पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के मुताबिक, किसी अनजान व्यक्ति ने शनिवार को यह विज्ञापन दिया था और 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की तस्वीर के साथ 30 हजार करोड़ रूपये की कीमत रखी थी।

इतना ही नहीं, पोस्ट के विवरण में लिखा गया था कि गुजरात सरकार को कोरोना वायरस के हालत से लड़ने के लिए मेडिकल उपकरणों के लिए पैसों की जरूरत है।

विज्ञापन से देश की जनता की भावना को आहत

मामले के सामने आने के बाद से प्रशासन भी हरकत में आ गया, जिसके चलते उन्होंने मामला केवड़िया कॉलोनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा दी है।

प्रशासन ने अज्ञात शख्स और olx कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।

'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के उपमुख्य प्रशासक नीलेश दूबे ने बताया कि विश्व में यह प्रतिमा एकता का प्रतीक है। ऐसे में यह विज्ञापन देश की जनता की भावनाओं को भड़काने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है।

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज 

olx पर विज्ञापन पोस्ट करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 505 (अफवाह फैलाने), धारा 417 (धोखाधड़ी), धारा 469 (जालसाजी) और अन्य संबंधित धाराओं के साथ FIR दर्ज कर दी गई है।

विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी'

गुजरात के सरदार सरोवर बांध के पास केवड़िया में सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर, 2018 को इसका उद्घाटन किया था

'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' 182 मीटर ऊंची प्रतिमा है, जिसका डिजाइन भारतीय मूर्तिकार राम वी सुतार ने तैयार किया था। अब तक इसे देखने दुनिया भर से लाखों लोग पहुंच चुके हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कोरोनोवायरस महामारी और इसके आर्थिक नतीजों के मद्देनजर , केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी संसद सदस्यों के वेतन को कम करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। सोमवार को। पेंशन भी कम हो जाएगी।

यह 1 अप्रैल से लागू होगा।

MPLADS को दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया, धनराशि कोरोनोवायरस से लड़ने के लिए दी गई
इसके अलावा, संसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के सदस्य दो साल तक निलंबित रहेंगे।
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जिस अवधि के लिए MPLADS निलंबित रहेगा वह 2020-21 और 2021-22 है। इन निधियों की समेकित राशि, जो लगभग रु। जावड़ेकर ने बताया कि 7,900 करोड़ रुपये महामारी के स्वास्थ्य और अन्य प्रतिकूल प्रभावों के प्रबंधन के लिए भारत के समेकित कोष को दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने स्वेच्छा से अपने वेतन का अंश छोड़ दिया

प्रेस बैठक में, जावड़ेकर ने बताया कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और सभी राज्यों के राज्यपालों ने स्वेच्छा से सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपने वेतन का एक हिस्सा देने का फैसला किया है।

उन्होंने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इसकी घोषणा की।

बाकी सांसदों के लिए, संसद अधिनियम, 1954 के सदस्यों को वेतन कटौती की अनुमति देने के लिए संशोधन करना होगा।

यह लंबी लड़ाई है: पीएम मोदी ने आज कहा

पीएम मोदी द्वारा पार्टी के 40 वें स्थापना दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के कुछ ही घंटों बाद बड़ी घोषणा आई, जिसमें कहा गया कि घातक वायरस के खिलाफ लड़ाई लंबी है।

"यह एक लंबी दौड़ होने जा रहा है, हमें थकाने की जरूरत नहीं है, हमारा संकल्प और मिशन इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में विजयी उभरना है," उन्होंने कहा।

इस बीच, थोड़ी देर पहले प्रेस को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव, लव अग्रवाल ने कहा कि भारत के सकारात्मक मामले बढ़कर 4,067 हो गए हैं और 109 लोग मारे गए हैं। 1,445 मामले तब्लीगी जमात से जुड़े हैं, उन्होंने बताया।

उन्होंने कहा, "60 साल से अधिक उम्र के लोगों में 63% मौतें हुई हैं, 40-60 साल के उम्र वर्ग में 30% और 7% पीड़ित 40 साल से कम उम्र के थे।"

April 03, 2020 , , ,
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन है। बाजार बंद हैं। ट्रेनें, बसें, हवाई जहाज, टैक्सियां कुछ भी नहीं चल रहा। ऐसे में सरकार ने लॉकडाउन खोलने की तैयारियों पर चर्चा शुरू कर दी  है। शुक्रवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें कहा गया लॉकडाउन खुलने का मतलब पूरी छूट नहीं होगा। सरकार 14 अप्रैल के बाद लोकडाउन हटने की सूरत में कई बन्दिशें बरकरार रखेगी। इसका मकसद अफ़रातफ़री को रोकना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का है।

स्कूल कालेज बंद रहेंगे, फंसे लोगों को मिलेगी तरजीह

सूत्रों के मुताबिक, सरकार बेसिक  व माध्यमिक स्कूल व कॉलेज आगे भी एक निश्चित अवधि तक बंद रखेगी लेकिन टेक्निकल व व्यवसायिक कॉलेज खोलने की तैयारी है। लॉकडाउन जब खुलेगा तब पहले उन लोगों को आने जाने में तवज्जों दी जाएगी, जो कई दिनों से इधर उधर फंसे हुए हैं। और घर नहीं जा पा रहे हैं। इसके लिए सीमित दायरे में परिवहन सेवा शुरू होगी।

बाजार व मंडियां खुल सकती हैं, माल रह सकते हैं बंद

 बाजार व मंडियों को खोला जाएगा। माल में मल्टीपलेक्स को इस दायरे से बाहर रखने की योजना बन रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि डीएम व एसपी पहले लॉक डाउन हटाने के बाद के हालात का आकलन अभी कर लें, जिससे बाद की आने वाली मुश्किलों से निपटा जा सके। सरकार का जोर 15 के बाद भी कही भी किसी रूप में भीड़ न लगने देने का है। मौजूदा वक्त की सारी ऐहतियात बाद में भी सख्ती से बरती जाएगी। इसमें समूह में न निकलने से लेकर सैनिटाइजेशन तक शामिल हैं।

कम संक्रमण वाले जिलों में पहले हटेगा लाकडाउन

सरकार पहले उन जिलों से लॉकडाउन हटाएगी, जहाँ कोरोना वायरस संक्रमण अपेक्षा काफी  कम है। इसमे भी वायरस संक्रमण वाले हॉट स्पॉट चिन्हित किए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि तब्लीगी जमात के संक्रिम त लोग कई जिलों में पहुँच चुके हैं और कोरोना वैरियर बन हुए हैं। ऐसे लोगो के कारण खास जिलों या उनके खास इलाको में जांच पूरी होने तक बंदिश रहेगी। 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में इसका ऐलान करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा था। पीएम ने हाल में 14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन हटाने का संकेत दिया है।

लॉकडाउन खुलने पर सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल  करें 

अगर 15 अप्रैल से लॉकडाउन खुलता है तो हालात बहुत चुनौतीपूर्ण होंगे। सभी को इसका पूरा ख्याल रखना जरूरी है। ऐसे में जो जहां फंसा होगा, वहां से आने का प्रयास करेगा। इन हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कराना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करें। स्कूल, कॉलेज, अलग-अलग तरह के बाजार और मॉल कब और कैसे खुलेंगे इसकी कार्ययोजना तैयार करें। सीएम ने शुक्रवार को बैठक कर टीम-11 के ऑफिसर्स के साथ लॉक डाउन के खुलने की स्थिति की चर्चा की। जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें। संबंधित जिलों के डीएम से समन्वय कर आंगनबाड़ी का पौष्टिक आहार भी घर-घर तक पहुंचाएं।

एक हजार करोड़ का कोरोना केयर फंड तैयार करेंगे

सरकार 1000 करोड़ रुपये का कोरोना केयर फंड तैयार करेगी। इस फंड से टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ इलाज में जरूरी और उपकरणों मसलन वेंटीलेटर, मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) आदि की व्यवस्था की जाएगी। इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, अन्य लोगों के अलावा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबलटी के तहत औद्योगिक घरानों से भी मदद ली जाएगी। प्रयास होगा कि हर मंडल और सभी 24 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जांच की सुविधा हो।

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Satish Kumar

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