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देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी के चलते अब लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 3 मई कर दी गई है। संक्रमण से बचने के लिए बॉलीवुड सेलेब्स लगातार अपने फैंस से अपील कर रहे हैं। ऐसे में अभिनेता सलमान खान भी लोगों को जागरुक करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। 

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हाल ही में एक बार फिर सलमान ने वीडियो जारी कर लोगों से घर में रहने और सावधानी बरतने की अपील की।

देशभर में जारी कोरोना कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के 21वें दिन देश के नाम संबोधन में मंगलवार को सुबह 10 बजे पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल के बाद कुछ सीमित सेक्टर्स में सशर्त सीमित छूट दी जा सकती है। मगर कोरोना वायरस के मामलों में कमी नहीं दिखने पर इसे वापस ले लिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि देश पूरी मजबूती के साथ कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है। जिस तरह से देशवासियों ने त्याग और तपस्या का परिचय दिया है, वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च को 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी, जिसकी अवधि मंगलवार यानी आज खत्म हो रही है।
Modi Lockdown Speech LIVE: कोरोना पर PM मोदी का ऐलान- 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, 20 अप्रैल से सीमित क्षेत्रों में सशर्त सीमित छूट मिलेगी
Modi Lockdown Speech LIVE: कोरोना पर PM मोदी का ऐलान- 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, 20 अप्रैल से सीमित क्षेत्रों में सशर्त सीमित छूट मिलेगी


3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना जिस तेजी से फैल रहा है उसने दुनियाभर में सरकारों और हेल्थ एक्सपर्टों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, हम विजयी कैसे हों, हमारा नुकसान कैसे हो, लोगों की दिक्कतें कैसे कम हो, इन बातों को लेकर राज्यों के साथ मैंने निरंतर चर्चाएं की हैं। सबका यही सुझाव यही आता है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्यों ने पहले ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा, यानी 3 मई तक हम सभी को, हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है जैसे हम करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। 

पीएम मोदी ने कहा कि मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना वायरस को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें हॉटस्पॉट (Hotspots) को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्पॉट का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा। 

20 अप्रैल बाद कुछ छूट संभव

पीएम मोदी ने कहा कि अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, ये देखा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो हॉटस्पॉट में नहीं होंगे और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। इसलिए, न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है। कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। 

रोज कमाई करने वाले मेरा परिवार

पीएम मोदी ने कहा कि जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। अब नई गाइडलइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो। 

भारत में एक ला्ख से अधिक बेड

उन्होंने कहा कि हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जहां जनवरी में हमारे पास कोरोना की जांच के लिए सिर्फ एक लैब थी, वहीं अब 220 से अधिक लैब्स में टेस्टिंग का काम हो रहा है। भारत में आज हम एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था कर चुके हैं। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है। 

देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई काफी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आप सभी देशवासियों की तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। आप लोगों ने कष्ट सहकर भी अपने देश को बचाया है। हमारे इस भारतवर्ष को बचाया है। मैं जानता हूं आपको कितनी दिक्कतें आई हैं। किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, तो कोई घर-परिवार से दूर है, लेकिन आप देश की खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। मैं आप सबको आदरपूर्वक नमन करता हूं। 

पीएम मोदी ने कहा कि साथियों, आज पूरे विश्व में कोरोना की जो स्थिति है, हम सब उससे परिचित हैं। अन्य देशों के मुकाबले भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए, आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी। जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केस नहीं था, उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। कोरोना के मरीज 100 तक पहुंचे, उससे पहले विदेश से आए हर यात्रियों के लिए भारत ने 14 दिनों का आइसोलेशन शुरू कर दिया था। मॉल, जिम आदि को बंद कर दिया गया। 

 उन्होंने कहा कि जब हमारे यहां कोरोना के 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण भारत के लॉकडाउन का एक अहम और बड़ा कदम उठा लिया। हमने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही दिखी उसी समय उसे रोकने का प्रयास किया। 

पीएम मोदी ने कहा हा कि वैसे यह ऐसा संकट है, जिसमें किसी भी देश के साथ उचित नहीं है। मगर फिर भी कुछ सच्चाइयों को नकार नहीं सकते। ये भी एक सच्चाई है कि दुनिया के सामर्थ्यवान देशों की तुलना करें तो भारत आज बहुत ही संभली हुई स्थिति में है। महीना-डेढ़ महीना पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में एक तरह से भारत के बराबर खड़े थे। आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के केस 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं। उन देशों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने सही अप्रोच नहीं दिखाया होता और सही फैसले नहीं लिए होते तो आज भारत की स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना करते ही रोएं खड़े हो जाते हैं। मगर बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है। 

उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का लाभ देश को मिला है। सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो यह महंगा जरूर लगता है, मगर भारतवासी की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती। सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनियाभर में हो रही है। 

सरकारी कामकाज शुरू होने की उम्मीद : सरकारी विभागों में शीर्ष स्तर पर शुरू हो चुके कामकाज को इसी दिशा में उठाया कदम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, आवश्यक सेवाएं और कृषि संबंधी गतिविधियां अभी लॉकडाउन के दायरे में नहीं हैं। इन सेवाओं में कुछ और कार्य शामिल हो सकते हैं। साथ ही कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन शुरू की जा सकती हैं।

कौन-कौन राज्य कर चुके हैं लॉकडाउन का ऐलान : पंजाब, ओडिशा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना व पश्चिम बंगाल कोरोना लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने का फैसला लागू कर चुके हैं। इसके अलावा आठ राज्यों में इसके लिए पूरी तैयारी चल रही है।

देश में कोरोना की स्थिति

भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला लगातार बढ़ रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 1211 मामले सामने आने के बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 10363 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में कोरोना से 31 लोगों की मौत हुई है, जिससे कोविड-19 महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 339 पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कुल 10363 मामलों में से 8988 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 1035 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस से सर्वाधिक 160 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। यहां अब इस महामारी से पीड़ितों की संख्या 2711 हो गई है।

आरोग्य सेतु ऐप कैसे डाउनलोड करें: दोस्तों भारत ने COVID-2019 का दहशत अब लोगों के अंदर बैठ गया है, कि हर कोई अपने आप में यह सुनिश्चित करना चाह रहा है कि उसे कोरोना वायरस हुआ है या नहीं ऐसे में भारत सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कोरोना ट्रैकर एप लॉन्च कर दिया है।

और यह सभी यूजर्स के लिए Google Play Store से डाउनलोड करने के लिए मुफ्त में उपलब्ध है (Download Aarogya Setu App For Android Mobile Phone) इस ऐप के जरिए आप अपने शरीर में करोना के खतरे को माप सकते हैं इसमें रेड, ग्रीन, येलो, ऑरेंज इंडिकेशन के जरिए करोना के खतरे को मापा जाता है।

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आइए अब आपको आरोग्य सेतु एप फ्री डाउनलोड कैसे करें के बारे में बताते हैं और इससे COVID-19 का Status कैसे चेक करें यह भी बताते हैं।

ऐसे काम करता है आरोग्य सेतु ऐप:

आरोग्य सेतु आपके स्मार्टफोन के डाटा और लोकेशन की मदद से Corona के Status को Track करता है, इसका मुख्य मकसद नोवल कोरोना संक्रमित लोगों का डाटा और जानकारी इकट्ठा करना है।

अभी यह Software एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है और यह अप्प पूरी तरह से लोकेशन Based है इसीलिए जब आप किसी दूसरे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो यह आपको अलर्ट कर देता हैं कि आप के आस-पास कोई इन्फेक्टेड व्यक्ति है।

यह अप्प सटीक रिजल्ट तभी दे पाएगा जब सभी लोग इस ऐप पर रजिस्टर हो और सभी ने अपनी सही जानकारी के साथ ही COVID-19 India के Questionnaire को बिलकुल सही तरीके से भरकर Submit किया हो। आइए अब आपको Aarogya Setu App Free APK Download कैसे करें और इसका इस्तेमाल कैसे करें इसके बारे में बताते हैं।

Aarogya Setu App Free Download For Android Apk

यह एप्लीकेशन अभी केवल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है इसे डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और Aarogya Setu लिखकर सर्च करें या आप नीचे दिए गए डाउनलोड लिंक से भी इसे डाउनलोड कर सकते हैं, यह एक Free ऐप है इसलिए इसके लिए आपको कोई भी चार्ज नहीं देना आप फ्री में ही अपना करोना स्टेटस चेक कर सकते हैं।

ऐसे करें कोरोना ट्रैकर एप आरोग्य सेतु में अपना चेकअप: Step by Step Install guide Aarogya Setu App

एप्लीकेशन में आपको फॉर्म भरना होता है और यहां आपको Covid-19 से जुड़े कुछ सवालों का जवाब देना होता है इसके बाद तो आपका स्टेटस बता दिया जाता है

Step 1. सबसे पहले आप गूगल प्ले स्टोर से Aarogya Setu ऐप को डाउनलोड करें।

Step 2. यहां आपको कुछ जानकारी दी गई है अगर आप इन्हें पढ़ना चाहे तो पढ़े नहीं तो Next पर क्लिक करके आगे बढ़ते जाएं और सभी परमिशन को Allow करें।

Step 3. अब आप यहां अपने फोन नंबर से OTP के जरिए रजिस्टर करें।

Step 4. अकाउंट बन जाने के बाद आपके सामने करोना के बारे में कुछ विशेष जानकारी दी गई है और यहाँ आपको ग्रीन कलर की पट्टी भी दिखेगी जो आपका स्टेटस बताती है।

Step 5. अपना corona status चेक करने के लिए आप App में सेल्फ असेसमेंट टेस्ट के Option पर क्लिक करें और यहाँ कुछ आसान से सवालों का ज़वाब दे।

Step 6. यहाँ आपका लिंग, आयु और आपके स्वास्थ्य से जुड़े भी कुछ सवाल होंगे जैसे क्या आपको साँस लेने में तकलीफ हो रही है?, आपके शरीर का वर्तमान तापमान कितना है? और कुछ सामान्य सवाल जैसे आपकी विदेश यात्रा आदि...

Step 7. सभी सवालों के ज़वाब देने के बाद आप यहाँ सबमिट करें जिसके बाद आपके सामने आपका कोरोना स्टेटस निकलकर सामने आ जाएगा।

Step 8. अब आरोग्य सेतु आपके मोबाइल को ट्रैक करना शुरू कर देगा।

Jio Corona Symptom Checker App for Android: Using Step by Step Install guide App 

जिओ ने भी यूजर्स के लिए COVID-19 के लक्षण चेक करने का फीचर लॉन्च किया है जहां से आसानी से अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं यहां भी आपको कुछ सवाल दिए जाते हैं आप इन सवालों के जवाब देकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।

जिओ में चेक करने के लिए आप निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

आप यह Test किसके लिए कर रहें है: अपने लिए, अपने Parents के लिए, बच्चो के लिए या किसी और के लिए.. इनमे से कोई 1 विकल्प चुने।

अब अपना Gender चुने पुरुष है तो Male चुने, महिला के लिए Female और अन्य के लिए Others विकल्प को चुने।

अब यहाँ अपना Age-group Select करें और दिए गए आयु वर्ग में से जो सही है उसे सेलेक्ट करें।

अगले Step में अपनी Health Condition के बारे में बताए और अगर आपको इनमे से कोई प्रॉब्लम नहीं है तो None of the above को चुने।

और अगर आप पिछले दिनों किसी भी देश की यात्रा पर गए थे तो वह देश Select करे अन्यथा None of the above पर क्लिक कर दें।

अंत में आप अगर ऐसे किसी व्यक्ति के सम्पर्क में आए है जो जुकाम, खांसी, बुखार, या साँस लेने की दिक्कत से प्रभावित था तो Yes पर क्लिक करें नहीं तो No वाला बटन दबाए,

अब पिछले 14 दिनों में अगर आप या आपके घर में से कोई व्यकिति COVID-19 रोगी के सम्पर्क में आया है तो Yes नहीं तो No करें,

क्या आपको बुखार है हाँ तो Yes अन्यथा No दबाए।

क्या आपको सिर दर्द है?

क्या आपको खांसी है?

क्या आपक cold है?

क्या आपके गले में खराश है?

क्या आपको श्वास लेने में तकलीफ महसूस हो रही है?

आदि सवाल का सही जवाब देकर सबमिट करें जिसके बाद आपको Risk of COVID-19 बता दिया जाता है और आप Recommendation को फॉलो कर सकते है।

April 11, 2020 ,
कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के रक्त प्लाज्मा से अब इस रोग से पीड़ित अन्य मरीजों का उपचार किया जा सकेगा।  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने रक्त प्लाज्मा से इस रोग के मरीजों के उपचार के ट्रायल की अनुमति दे दी है। एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर नवल विक्रम ने बताया कि कोरोना से ठीक हो चुके एक व्यक्ति के खून से कोरोना पीड़ित चार लोगों का इलाज किया जा सकता है।  

 ऐसे काम करती है रक्त प्लाज्मा तकनीक:

एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर नवल विक्रम के मुताबिक यह उपचार प्रणाली इस धारणा पर काम करती है कि वे मरीज जो किसी संक्रमण से उबर जाते हैं उनके शरीर में संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इसके बाद नए मरीजों के खून में पुराने ठीक हो चुके मरीज का खून डालकर इन एंटीबॉडीज के जरिए नए मरीज के शरीर में मौजूद वायरस को खत्म किया जाता है।

ठीक मरीज से 14 दिन बाद ही लिया जा सकता है प्लाज्मा :

प्रोफेसर नवल विक्रम के मुताबिक किसी मरीज के शरीर से प्लाज्मा( एंटीबॉडीज) उसके ठीक होने के 14 दिन बाद ही लिया जा सकता है और उस रोगी का कोरोना टेस्ट एक बार नहीं, बल्कि दो बार किया जाएगा। इतना ही नहीं ठीक हो चुके मरीज का एलिजा टेस्ट भी किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि उसके शरीर में एंटीबॉडीज की मात्रा कितनी है। इसके अलावा प्लाज्मा देने वाले व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है कि कहीं उसे कोई और बीमारी तो नहीं है।

एक डोनर के प्लाज्मा का चार मरीजों में इस्तेमाल: 

इस तकनीक में ठीक हो चुके रोगी के शरीर से ऐस्पेरेसिस विधि से खून निकाला जाएगा। इस विधि में खून से सिर्फ प्लाज्मा या प्लेटलेट्स जैसे अवयवों को निकालकर बाकी खून को फिर से उस डोनर के शरीर में वापस डाल दिया जाता है। प्रोफेसर नवल विक्रम के मुताबिक एक व्यक्ति के प्लाज्मा से चार नए मरीजों को ठीक करने में इसका इस्तेमाल हो सकता है। दरअसल एक व्यक्ति के खून से 800 मिलीलीटर प्लाज्मा लिया जा सकता है। वहीं कोरोना से बीमार मरीज के शरीर में एंटीबॉडीज डालने के लिए लगभग 200 मिलीलीटर तक प्लाज्मा चढ़ाया जा सकता है। इस तरह एक ठीक हो चुके व्यक्ति का प्लाज्मा 4 लोगों के उपचार में मददगार हो सकता है।  उन्होंने बताया कि यह सभी रोगियों को देने की जरूरत नहीं हैं। जिन रोगियों की तबीयत ज्यादा खराब है, उन्हीं को यह दिया जाए तो ज्यादा बेहतर है क्योंकि अभी देश में ठीक हो चुके रोगियों की संख्या बहुत कम है जबकि नए मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्टर नवल विक्रम के मुताबिक पहले भी सार्स और स्वाइन फ्लू जैसे कई संक्रामक रोगों में इसका इस्तेमाल हो चुका है।

पांच मेडिकल कॉलेजों को ट्रायल की अनुमति:

देश के पांच आयुर्विज्ञान कॉलेज और अस्पतालों में इसका क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि तिरुवनंतपुरम स्थित चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान को क्लीनिकल ट्रायल के तौर पर सीमित संख्या में इस तकनीक के इस्तेमाल की अनुमति मिली है। चित्रा तिरुनाल आयुर्विज्ञान संस्थान की निदेशिका डॉ. आशा किशोर ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण के ठीक हो चुके मरीज के रक्त प्लाज्मा की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता के लिए उन्होंने रक्त दान की उम्र सीमा में रियायत देने की मांग की है।

April 09, 2020 , , , , ,
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर राजधानी के इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) दिल्ली ने 'वॉश करो' एप बनाया है। इसे गूगल प्ले से डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में कोरोना से जुड़ी सारी जानकारी देता है। 
WashKaro App - वॉश करो एप, रखेगा आपको अलर्ट

वॉश करो एप को डाउनलोड करने वाले लोग यदि 2 से 20 मीटर के दायरे में होते हैं तो यह एप तुरंत अलर्ट करता है। इस एप को आईआईटी दिल्ली के कंप्यूटेशनल बॉयोलॉजी की प्रोफेसर तवप्रितेश सेठी और कंप्यूटर साइंस के प्रो. पी कुमारगुरु ने तैयार किया है। प्रो. पी कुमारगुरु ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन भी इस पर है। यह एप आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस की मदद से सही जानकारी देगा। अभी एप में उन लोगों का डाटा उपलब्ध नहीं है जिन्हें क्वारंटाइन किया गया है या जो कोरोना से पीड़ित हैं।

ये फीचर हैं खास 

कोविड ट्रैकर- इसके माध्यम से एप डाउनलोड करने वाले लोग, जिनके मोबाइल का ब्लूटूथ ऑन है, उनके 20 मीटर के अंदर आते ही एप अलर्ट कर देगा। दिलचस्प यह है कि इसके लिए किसी तरह के इंटरनेट या डाटा की जरूरत नहीं है। 

ऑनएयर- इसके तहत आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस की मदद से कोविड 19 के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा कोरोना से संबंधित खबरें भी मिलेंगी। जो जानकारी डब्ल्यूएचओ के अनुसार नहीं होंगी, उसकी जानकारी भी यह एप देगा। 

चैट बाक्स- कोरोना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए इस एप का उपयोग करने वाला डब्ल्यूएचओ और भारत सरकार हेल्पलाइन पर चैट कर सकता है।  

मिसलेनियस- इसमें उपयोगी जानकारी होगी। साथ ही कोरोना से जुड़े जो मिथक हैं, उनकी जानकारी होगी।

- कोरोना एक्शन इंडिया- भारत कोरोना को लेकर क्या काम कर रहा है, इसकी जानकारी मिलेगी। सरकार की वेबसाइट के रोज के आंकड़े इसके डैशबोर्ड पर आ जाएंगे। 

- पेशेंट मैनेमेंट एंड ट्रैकिंग टूल्स- कोरोना के मरीजों के बारे में जानकारी लेकर उनको ट्रेस करने पर काम हो रहा है। लेकिन अभी उससे संबंधित डाटा उपलब्ध नहीं है। डाटा होने पर यह एप और उपयोगी साबित हो सकता है।

Lockdown के बीच सरकार ने आम आदमी और गरीब को बड़ी राहत दी है और इसके लिए पिछले महीने ही वित्त मंत्री ने पैकेज का ऐलान किया था। इस पैकेज में जहां जनधन खाते में हर महीने 500 रुपए देने के साथ ही मुफ्त LPG सिलेंडर के अलावा किसानों को भी किसान योजना के तहत राहत दी गई है। 

Step by step guide Video वीडियो हिंदी


सरकार ने यह रकन सीधे बैंक खाते में हर महीने के हिसाब से ट्रांसफर करने का ऐलान किया था और यह करना भी शुरू कर दिया है। किसी भी तरह के ऑनलाइन पेमेंट की रकम इन दिनों सीधे ही बैंक खाते में आ जाती है। अब अगर आप भी बैंक नहीं जा पा रहे हैं तो जानिए कैसे घर बैठे आप अपने मोबाइल से ही यह जान सकते हैं कि आपके जनधन खाते में पैसे आए या नहीं या फिर LPG सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी पहुंची या नहीं।
इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे और इनकी मदद से आप आसानी से यह जान सकेंगे कि आपके खाते में पैसे आए या नहीं। हम आपको बताते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया।

यह है तरीका

- इसके लिए आपको सबसे पहले आपको https://pfms.nic.in/NewDefaultHome.aspx पर क्लिक करके Public Financial Management System PFMS पर जाना होगा।

- यहां आपको Know Your Payments के विकल्प पर क्लिक करना होगा।

- इसके खुलने में थोड़ी परेशानी हो सकती है लेकिन इसके खुलते ही आपको यहां बैंक का नाम डालना होगा।

- इसके बाद उसमें अपना बैंक अकाउंट नंबर डालें।

- इसे कंफर्म करने के लिए आपको फिर से अकाउंट नंबर डालने के लिए कहा जाएगा।

- इसके बाद आपको नीचे दिए के कैप्चा कोड को डालना होगा।

- इसे डालने के बाद यहां दिए सर्च बटन पर क्लिक करें।

- क्लिक करते ही आपके सामने आपके बैंक खाते से जुड़ी जानकारी आ जाएगी। जिसमें यह सारी जानकारी होगी कि यह पैसे कहां से आए हैं।

April 08, 2020 , ,
जानलेवा कोरोना वायरस से दुनियाभर में अबतक 82 हजार से ज्यादा लोग मर चुके हैं. वहीं, 14 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं. इस वायरस को खत्म करने के लिए अभी तक किसी कारगर दवाई की खोज नहीं हुई है, लेकिन दुनियाभर के बड़े-बड़े वैज्ञानिक अब दवाईयों की खोज में जुट गए हैं. बड़ी बात यह है कि कोरोना पर मार करने वाली वैक्सीन के लिए सबकी नजरें भारत पर टिकीं हैं. ऐसा क्यों है? पढ़ें ये रिपोर्ट.

1. कोरोफ्लू वैक्सीन हजारों लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस का काल साबित हो सकती है.
2. कोरोफ्लू अमेरिका की फ्लूजेन कंपनी की फ्लू वैक्सीन M2SR के आधार पर विकसित हो रही है.
कोरोना वायरस पर मार करेगी ‘कोरोफ्लू’ वैक्सीन, जानिए भारत में बन रही इस दवाई के बारे में सबकुछ
कोरोना वायरस पर मार करेगी ‘कोरोफ्लू’ वैक्सीन, जानिए भारत में बन रही इस दवाई के बारे में सबकुछ

वायरस का काल साबित हो सकती है कोरोफ्लू वैक्सीन

दरअसल कोरोफ्लू नाम की एक वैक्सीन इन दिनों खूब चर्चा में है. कोरोफ्लू वैक्सीन हजारों लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस का काल साबित हो सकती है. ये दावा है वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉक्टर एला कृष्णा का है.

भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉक्टर एला कृष्णा ने कहा है कि हमने कोरोफ्लू नाम की वैक्सीन बनाई है, उम्मीद है कि वैक्सीन कोरोना वायरस जैसी महामारी को खत्म कर देगी. बता दें कि हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक कोरोना वायरस की इस संभावित वैक्सीन पर अमेरिकी कंपनी फ्लूजेन के संस्थापकों योशिरो कावाओका और गैब्रियेल न्यूमैन के साथ मिलकर काम कर रही है.

कोरोफ्लू के बारे में जानिए

कोरोफ्लू अमेरिका की फ्लूजेन कंपनी की फ्लू वैक्सीन M2SR के आधार पर विकसित हो रही है. कोरोफ्लू वैक्सीन मरीज के शरीर में नाक के जरिए पहुंचाई जाएगी. वैक्सीन का साल के आखिर तक मानव परीक्षण संभव है. वहीं, दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में अक्टूबर तक इसका मनुष्यों पर परीक्षण हो सकता है.

कई सफल वैक्सीन बना चुकी है भारत बायोटेक

भारत बायोटेक कंपनी चिकनगुनिया और जीका वायरस जैसी खतरनाक महामारियों के लिए सफल वैक्सीन बना चुकी है. अगर कोरोना की वैक्सीन भी सफल रही तो यह इस कंपनी की बड़ी उपलब्धि होगी, लेकिन इसमें अभी काफी वक्त लग सकता है.

प्रतिरक्षा मजबूत करेगा नया टीका 

भारत बायोटेक के मुताबिक कोरोफ्लू फ्लुजेन कंपनी की प्रचलित फ्लू वैक्सीन एम2एसआर पर आधारित है। एम2एसआर इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सूक्ष्म संस्करण है, जो फ्लू के खिलाफ एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है। अब एक प्रयोगशाला में एम2एसआर में सार्स-सीओवी-2 की जीन सिक्वेंसी को डाला जाएगा, ताकि नया टीका कोरोना वायरस के खिलाफ भी प्रतिरक्षा को प्रेरित करे।

साल के अंत तक लोगों पर परीक्षण

भारत बायोटेक के बिजनेस डेवलपमेंट प्रमुख डॉ. चेस एला ने कहा कि भारत बायोटेक की ओर से वैक्सीन का निर्माण किया जाएगा और नैदानिक परीक्षण किया जाएगा और वैश्विक वितरण के लिए वैक्सीन की लगभग 30 करोड़ खुराक का उत्पादन करने के लिए भी कंपनी तैयार रहेगी। सहयोग-समझौते के तहत फ्लुजेन अपनी मौजूदा विनिर्माण प्रक्रियाओं को भारत बायोटेक को हस्तांतरित करेगी ताकि कंपनी को उत्पादन में वृद्धि करने और नैदानिक परीक्षणों के लिए वैक्सीन का उत्पादन करने में सक्षम बनाया जा सके। जानवरों में परीक्षण के लिए यह टीका तीन से छह महीने में, जबकि मानव परीक्षण के लिए इसके 2020 के अंत तक उपलब्ध होने की उम्मीद है।

दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस जानलेवा वायरस की वैक्सीन ढूंढने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक दिनों-रात लगे हुए है। इसी कड़ी में हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी कोरोना पीड़ितों के लिए नाक के जरिए ली जाने वाली एक विशेष वैक्सीन तैयार कर रही है। यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कांसिन मैडीसन और वैक्सान निर्माता कंपनी फ्लूजेन के वायरोलॉजिस्ट ने भारत बायोटेक के साथ मिलकर इस जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाने का काम कर रही है। इस वैक्सीन को कोरोफ्लू नाम दिया गया है। कंपनी ने इसके निर्माण करने के लिए परीक्षण शुरू कर दिया है। 

भारत बायोटेक ने जानकारी देते हुए बताया है कि कोरोफ्लू वैक्सीन, फ्लूजेन कंपनी की फ्लू वैक्सीन एम2एसआर के आधार पर विकसित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है फ्लू की एमटूएसआर वैक्सीन यूनिवर्सिटी आफ विस्कांसिन-मैडीसन के वाइरोलाजिस्ट और वैक्सीन निर्माता कंपनी फ्लूजेन के संस्थापकों योशिरो कावाओका व गैब्रियेल न्यूमैन ने ईजाद की थी। 

इस वैक्सीन के विभिन्न परीक्षणों में तीन से छह माह का वक्त लग सकता है। एक बार तैयार होने के बाद इस वैक्सीन की एक बूंद कोरोना मरीजों की नाक में डाली जाएगी। यह वैक्सीन मनुष्यों के लिए पूरी तरह सुरक्षित होने वाली है। 

भारत बायोटेक ने बताया कि कोरोफ्लू नाक की वैक्सीन इस साल के अंत तक मानव परीक्षण के लिए तैयार होने की उम्मीद है। अमेरिका में अक्तूबर तक इसका मनुष्यों पर परीक्षण होगा। इसके बाद भारत बायोटेक कंपनी भी कुछ परीक्षण करेगी। परीक्षण सफल रहने पर कंपनी 30 करोड़ खुराक का उत्पादन करेगी। 

गौरतलब हो कि अभी तक कोई भी देश या संस्था इस जानलेवा वायरस से लड़ने के लिए कोई वैक्सीन तैयार नहीं कर पाया है। दुनियाभर की कंपनियां कोरोना की वैक्सीन बनाने में लगी हुई है। यहां तक की दुनिया का सबसे ताकतवार देश अमेरिका में भी वैक्सीन अभी परीक्षण चरण में ही है। 

माना जा रहा है कि अभी कोरोना की वैक्सीन आने में लंबा वक्त लग सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरी बनाने का सुझाव दिया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पॉजिटिव केस की संख्या 5000 के पार चली गई है। ऐसे में 14 अप्रैल को देश में जारी लॉकाउन को हटाना संभव नहीं है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यस में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने यह बात कही है। इस संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने संपूर्ण लॉकडाउन पर चर्चा की। आपको बता दें कि कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ाने की अपील प्रधानमंत्री से की है।
सांसदों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'देश में स्थिति 'सामाजिक आपातकाल' के समान है इसके लिए कड़े फैसलों की जरूरत है और हमें सतर्क रहना चाहिए। राज्यों, जिला प्रशासन और विशेषज्ञों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है।' इससे तो अब एक बात स्पष्ट लगने लगा है कि देश में लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ने वाली है। हालांकि इसका स्वरूप यही रहेगा या फिर इसमें कोई तब्दीली की जाएगी, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
PM नरेंद्र मोदी बोले- 14 अप्रैल को लॉकडाउन हटाना संभव नहीं - योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP के 15 जिलों के हॉट स्पॉट
PM नरेंद्र मोदी बोले- 14 अप्रैल को लॉकडाउन हटाना संभव नहीं - योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP के 15 जिलों के हॉट स्पॉट

सीएम उद्धव ठाकरे बोले- लॉकडाउन के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरने ने कहा है कि बंद की वजह से हुई असुविधा के लिए खेद है लेकिन हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे समाचार चैनलों के माध्यम से दुनिया भर से खबर मिल रही है कि वुहान (चीन) में चीजें सामान्य स्थिति में लौट आई हैं और प्रतिबंध हटाए जा रहे हैं। यह अच्छी खबर हैं। इसका मतलब समय के साथ चीजें बेहतर हो सकती हैं।

UP के 15 जिलों के हॉटस्पॉट वाले इलाके होंगे सील

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़त कहर को देखते हुए योगी सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के 15 जिलों के हॉटस्पॉट वाले इलाकों को 13 अप्रैल तक पूरी तरह सील करने के आदेश दिए हैं। आज रात 12 बजे के बाद लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, शामली, मेरठ, सीतापुर, बरेली, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, बस्ती, सहारनपुर और महाराजगंज के जिस इलाकों में कोरोना का मरीज पाए गए हैं वो सील कर दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के मामलों में पिछले दो से तीन दिनों में काफी तेजी आई है। देश में कोरोना पीड़ित लोंगो की संख्या 5194 हो गई है, जबकि 149 लोगों की मौत भी हुई है।

लॉकडाउन के साइड इफेक्ट: 1600 सगाई-शादियां टलीं, सवा अरब रुपये का नुकसान, 3.5 लाख लोगों की रोजी-रोटी गई

पिछले 15 दिनों से कोरोना के कारण चल रहे लॉकडाउन का ग्रहण अप्रैल-मई में होने वाली शादियों पर भी लग गया है। सिर्फ लखनऊ में ही तकरीबन 1600 शादियां, तिलक, सगाई टल गए हैं। अनुमान है कि शादियां टलने से इनसे जुड़े कारोबार को लगभग सवा अरब का नुकसान हो रहा है। लगभग साढ़े तीन लाख लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है।

अप्रैल में होने वाले सभी शुभकार्य स्थगित हैं जबकि मई की लगभग 90 प्रतिशत शादियां अब तक टाली गई हैं। होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा बताते हैं कि लखनऊ में छोटे-बड़े करीब 800 होटल हैं। कुछ शादियों के लिए बुक होते हैं तो कुछ सगाई, तिलक जैसे छोटे कार्यक्रमों के लिए। ताज, रेनेसां, हयात, पिकैडली, क्लार्क अवध जैसे बड़े होटल हों या सैंकड़ों की संख्या में मौजूद छोटे होटल, सभी का पूरा कारोबार ठप है।

चांसलर क्लब के मालिक जसमिन्दर सिंह बताते हैं कि उनके क्लब की अप्रैल-मई की लगभग 40 शादियां टली हैं। अब लोग नवम्बर-दिसम्बर या फिर जनवरी से मार्च 2021 के बीच की तारीखें देख रहे हैं। समस्या यह है कि उधर की तारीखों में होटल, रिजॉर्ट, कैटरर्स आदि पहले से बुक हैं। लिहाजा अप्रैल-मई में शादियां टालने वालों को इंतजार करना पड़ सकता है।

82 हजार के पार पहुंचा दुनिया में कोरोना वायरस से मौत का आंकड़ा, भारत में अबतक 149 की गई COVID-19 से जान

कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में मरने वालों की संख्या बुधवार को 80 हजार के पार पहुंच गई। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के कोरोनावायरस रिसोर्स सेंटर द्वारा जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। वैश्विक स्तर पर  संक्रमण के 1,431,375 मामलों के साथ अब तक कुल 82,145 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, दुनिया भर में वायरस से संक्रमित 3,01,385 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं।

इटली, स्पेन, ब्रिटेन और फ्रांस में ज्यादा संख्या में मौतें होने का सिलसिला जारी है। जबकि अमेरिका में सबसे अधिक पॉजिटिव मामले हैं, जहां अब तक 3,83,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। स्पेन, इटली और फ्रांस में क्रमश: एक लाख 40 हजार, एक लाख 35 हजार और एक लाख दस हजार कोरोना संक्रमण के मामले हैं।

इटली में मौत का आंकड़ा 17,127, स्पेन में 13,897, अमेरिका में 12,021 और फ्रांस में 10,343 है।

कई देशों ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया है और लॉकडाउन को लागू किया है, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरना वायरस को महामारी घोषित किया है और अब यूरोप इस बीमारी का केंद्र बन गया है।

April 07, 2020 , ,
कोरोनावायरस (Coronavirus) के जिस तरह मामले बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन (Lockdown) 14 अप्रैल को खत्म होगा या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है. इस बीच, सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कई राज्य सरकारों और विशेषज्ञों ने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की गुजारिश की है. केंद्र सरकार अब इस दिशा में विचार कर रही है. हालांकि, केंद्र की तरफ से अभी तक लॉकडाउन बढ़ाने का आधिकारिक तौर पर फैसला नहीं हुआ है.
कोरोना संकट को देखते हुए  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 25 मार्च से अगले 21 दिन तक लॉकडाउन का एलान किया है. इस बीच ट्रेन, बस और हवाई जहाज का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. सिर्फ जरूरी सेवाओं की आपूर्ति के लिए ही आवागमन को मंजूरी दी गई है. शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई राज्य सरकारें और विशेषज्ञों अभी लॉकडाउन आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं. केंद्र सरकार इस सलाह पर विचार कर रही है.

राज्य भी चाहते हैं लॉकडाउन बढ़े?

देश में कई राज्य कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाने या धीरे-धीरे हटाने की बात कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बारे में कहा कि हमारे लिए लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है. अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा किया जा सकता है लेकिन यदि लोग मर गए तो उन्हें दोबारा नहीं लाया जा सकता है. इसलिए यदि जरूरत पड़ती है तो लॉकडाउन को हम आगे बढ़ा देंगे. इस बारे में फैसला स्थिति को देखते हुए किया जाएगा.

दूसरी ओर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाना सही रहेगा. 21 दिन की अवधि खत्म होने के बाद तुरंत लॉकडाउन नहीं हटाया जा सकता है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक संवाददाता सम्मेलन में गहलोत ने कहा कि हमा लॉकडाउन तुरंत नहीं हटा सकते हैं. इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाना होगा, ऐसा मुझे लगता है. उन्होंने कहा कि हालांकि लॉकडाउन हटाने का फैसला टॉस्क फोर्स की सिफारिशों के बाद लिया जाएगा.

तेलंगाना और UP बढ़ा सकते हैं लॉकडाउन

तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव ने केंद्र को लॉकडाउन की अवधि को दो हफ्ते बढ़ाने का सुझाव दिया है. मुख्यमंत्री राव ने इसके लिए बीसीजी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें लॉकडाउन को 3 जून तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया था. हालांकि, तेलंगाना ने भी अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक एलान नहीं किया है. राव ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री, भारत सरकार से अपील करता हूं कि वे बेझिझक लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दें. किसी से भी सलाह लें, प्रत्येक मुख्यमंत्री से सलाह करें, पूरे देश के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करें, लेकिन सोच-समझकर फैसला लें क्योंकि भारत में हमारे पास इस जानलेवा वायरस से निपटने का और कोई हथियार नहीं है.’

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने की संभावना लग रही है. यूपी सरकार के सूत्रों के अनुसार जब तक प्रदेश में कोरोना का एक भी मामला रहेगा, तब तक लॉकडाउन नहीं खोला जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्म करने के सुझाव मांग चुके हैं.

देश में कोरोना के 4400 से ज्यादा मामले, 176 मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवारण कल्याण मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना के मामले बढ़कर 4421 हो गए हैं. अभी तक 117 लोगों के मरने की खबर है. वहीं, बीते 24 घंटे की बात करें तो कोरोनों के 354 नए मामले सामने आए और 8 मरीजों की मौत हुई है.

क्या है भारत का हाल?

देश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में संक्रमण के 700 से भी ज्यादा मामले सामने आए और आंकड़ा 4000 से आगे निकल चुका है। अब तक 109 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 4 दिनों में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले डबल हो गए हैं। अगर आने वाले हफ्तों में भी इसी रफ्तार से मामला आगे बढ़ा तो हालात और खराब हो सकते हैं।

क्या है लॉकडाउन पर दूसरा प्रस्ताव

सरकार इस पर भी गौर कर रही है कि लॉकडाउन सिर्फ Covid-19 हॉटस्पॉट वाले इलाकों पर ही बढ़ाया जाए, पूरे देश के लिए नहीं। हेल्थ मिनिस्टर ने देश भर में कम से कम 20 वायरस हॉटस्पॉट की पहचान की है जबकि 22 संभावित हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी आज कैबिनेट बैठक में इस बात की चर्चा करेंगे।  इसके बाद ही इसका फैसला होगा कि लॉकडाउन जारी रहेगी या हट जाएगी।

पिछले हफ्ते एक पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह कहा था कि लॉकडाउन चरणबद्ध तरीके से हटाया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार ने रविवार, 5 अप्रैल को कहा कि अगर राज्य में संक्रमण इसी तरह बढ़ते रहे तो वह लॉकडाउन नहीं हटाएगा। महाराष्ट्र पर कोरोनवायर संक्रमण की मार सबसे ज्यादा पड़ी है। वहां 690 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को मुंबई के वोकहार्ट अस्पताल में 26 नर्स और 3 डॉक्टर भी संक्रमित हो गए जिसके बाद अस्पताल को कंटेनमेंट ज़ोन बना दिया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कोरोनोवायरस महामारी और इसके आर्थिक नतीजों के मद्देनजर , केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सहित सभी संसद सदस्यों के वेतन को कम करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। सोमवार को। पेंशन भी कम हो जाएगी।

यह 1 अप्रैल से लागू होगा।

MPLADS को दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया, धनराशि कोरोनोवायरस से लड़ने के लिए दी गई
इसके अलावा, संसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के सदस्य दो साल तक निलंबित रहेंगे।
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जिस अवधि के लिए MPLADS निलंबित रहेगा वह 2020-21 और 2021-22 है। इन निधियों की समेकित राशि, जो लगभग रु। जावड़ेकर ने बताया कि 7,900 करोड़ रुपये महामारी के स्वास्थ्य और अन्य प्रतिकूल प्रभावों के प्रबंधन के लिए भारत के समेकित कोष को दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति ने स्वेच्छा से अपने वेतन का अंश छोड़ दिया

प्रेस बैठक में, जावड़ेकर ने बताया कि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और सभी राज्यों के राज्यपालों ने स्वेच्छा से सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपने वेतन का एक हिस्सा देने का फैसला किया है।

उन्होंने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इसकी घोषणा की।

बाकी सांसदों के लिए, संसद अधिनियम, 1954 के सदस्यों को वेतन कटौती की अनुमति देने के लिए संशोधन करना होगा।

यह लंबी लड़ाई है: पीएम मोदी ने आज कहा

पीएम मोदी द्वारा पार्टी के 40 वें स्थापना दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के कुछ ही घंटों बाद बड़ी घोषणा आई, जिसमें कहा गया कि घातक वायरस के खिलाफ लड़ाई लंबी है।

"यह एक लंबी दौड़ होने जा रहा है, हमें थकाने की जरूरत नहीं है, हमारा संकल्प और मिशन इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में विजयी उभरना है," उन्होंने कहा।

इस बीच, थोड़ी देर पहले प्रेस को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव, लव अग्रवाल ने कहा कि भारत के सकारात्मक मामले बढ़कर 4,067 हो गए हैं और 109 लोग मारे गए हैं। 1,445 मामले तब्लीगी जमात से जुड़े हैं, उन्होंने बताया।

उन्होंने कहा, "60 साल से अधिक उम्र के लोगों में 63% मौतें हुई हैं, 40-60 साल के उम्र वर्ग में 30% और 7% पीड़ित 40 साल से कम उम्र के थे।"

April 03, 2020 , , ,
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन है। बाजार बंद हैं। ट्रेनें, बसें, हवाई जहाज, टैक्सियां कुछ भी नहीं चल रहा। ऐसे में सरकार ने लॉकडाउन खोलने की तैयारियों पर चर्चा शुरू कर दी  है। शुक्रवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें कहा गया लॉकडाउन खुलने का मतलब पूरी छूट नहीं होगा। सरकार 14 अप्रैल के बाद लोकडाउन हटने की सूरत में कई बन्दिशें बरकरार रखेगी। इसका मकसद अफ़रातफ़री को रोकना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का है।

स्कूल कालेज बंद रहेंगे, फंसे लोगों को मिलेगी तरजीह

सूत्रों के मुताबिक, सरकार बेसिक  व माध्यमिक स्कूल व कॉलेज आगे भी एक निश्चित अवधि तक बंद रखेगी लेकिन टेक्निकल व व्यवसायिक कॉलेज खोलने की तैयारी है। लॉकडाउन जब खुलेगा तब पहले उन लोगों को आने जाने में तवज्जों दी जाएगी, जो कई दिनों से इधर उधर फंसे हुए हैं। और घर नहीं जा पा रहे हैं। इसके लिए सीमित दायरे में परिवहन सेवा शुरू होगी।

बाजार व मंडियां खुल सकती हैं, माल रह सकते हैं बंद

 बाजार व मंडियों को खोला जाएगा। माल में मल्टीपलेक्स को इस दायरे से बाहर रखने की योजना बन रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि डीएम व एसपी पहले लॉक डाउन हटाने के बाद के हालात का आकलन अभी कर लें, जिससे बाद की आने वाली मुश्किलों से निपटा जा सके। सरकार का जोर 15 के बाद भी कही भी किसी रूप में भीड़ न लगने देने का है। मौजूदा वक्त की सारी ऐहतियात बाद में भी सख्ती से बरती जाएगी। इसमें समूह में न निकलने से लेकर सैनिटाइजेशन तक शामिल हैं।

कम संक्रमण वाले जिलों में पहले हटेगा लाकडाउन

सरकार पहले उन जिलों से लॉकडाउन हटाएगी, जहाँ कोरोना वायरस संक्रमण अपेक्षा काफी  कम है। इसमे भी वायरस संक्रमण वाले हॉट स्पॉट चिन्हित किए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि तब्लीगी जमात के संक्रिम त लोग कई जिलों में पहुँच चुके हैं और कोरोना वैरियर बन हुए हैं। ऐसे लोगो के कारण खास जिलों या उनके खास इलाको में जांच पूरी होने तक बंदिश रहेगी। 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में इसका ऐलान करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा था। पीएम ने हाल में 14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन हटाने का संकेत दिया है।

लॉकडाउन खुलने पर सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल  करें 

अगर 15 अप्रैल से लॉकडाउन खुलता है तो हालात बहुत चुनौतीपूर्ण होंगे। सभी को इसका पूरा ख्याल रखना जरूरी है। ऐसे में जो जहां फंसा होगा, वहां से आने का प्रयास करेगा। इन हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कराना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करें। स्कूल, कॉलेज, अलग-अलग तरह के बाजार और मॉल कब और कैसे खुलेंगे इसकी कार्ययोजना तैयार करें। सीएम ने शुक्रवार को बैठक कर टीम-11 के ऑफिसर्स के साथ लॉक डाउन के खुलने की स्थिति की चर्चा की। जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें। संबंधित जिलों के डीएम से समन्वय कर आंगनबाड़ी का पौष्टिक आहार भी घर-घर तक पहुंचाएं।

एक हजार करोड़ का कोरोना केयर फंड तैयार करेंगे

सरकार 1000 करोड़ रुपये का कोरोना केयर फंड तैयार करेगी। इस फंड से टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ इलाज में जरूरी और उपकरणों मसलन वेंटीलेटर, मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) आदि की व्यवस्था की जाएगी। इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, अन्य लोगों के अलावा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबलटी के तहत औद्योगिक घरानों से भी मदद ली जाएगी। प्रयास होगा कि हर मंडल और सभी 24 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जांच की सुविधा हो।

सरकार ने अरोग्या सेतु नाम से कोरोना वायरस ट्रैकिंग ऐप लॉन्च किया है. जो स्मार्टफोन की लोकेशन डेटा और ब्लूटूथ का उपयोग करके यह जांच करेगा कि आप COVID-19 संक्रमित व्यक्ति के पास हैं या नहीं. NIC की महानिदेशक नीता वर्मा से एबीपी न्यूज ने इस ऐप को लेकर बातचीत की है.
ऐप में एक चैटबॉट दिया गया है जो आपके कोरोना वायरस से जुड़े सवालों का जवाब देगा साथ ही ये निर्धारित करेगा कि आपके अंदर कोरोना के लक्षण हैं या नहीं. ऐप में देश के हर राज्य के लिए हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया है.

अरोग्या सेतु COVID-19 के खिलाफ हमारी संयुक्त लड़ाई में भारत के लोगों के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ने के लिए भारत सरकार द्वारा विकसित एक मोबाइल एप्लिकेशन है। ऐप का उद्देश्य भारत सरकार, विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की पहल को बढ़ाने के लिए है, जो कि COVID-19 से संबंधित जोखिमों, सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रासंगिक सलाह के संबंध में एप्लिकेशन के उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने और उन्हें सूचित करने के लिए सक्रिय रूप से है।

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यदि कोई संक्रमित व्यक्ति पास में है, तो आम जनता को सूचित करने और देखभाल करने के लिए महान पहल। मैं परिवार और दोस्तों को इसकी सलाह दूंगा। 

1. किसी भी नज़दीकी पहचान के मामले में उपयोगकर्ता के साथ अधिसूचना कैसे साझा की जाती है? क्या कोई संदेश भी साझा किया गया है? 

2. पहचान की न्यूनतम अधिकतम सीमा किसकी है? यदि संभव हो तो लि। क्षेत्र ट्रैकिंग सक्षम कर सकते हैं? 

3. यदि किसी पुष्ट मामले की पहचान की जाती है और उसे ऐप द्वारा ट्रैक किया जाता है, तो क्या ऐसा नहीं है कि उस व्यक्ति का तुरंत परीक्षण किया जाएगा / उसे क्वारेंट किया जाएगा? वह सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर क्यों रहेगा?

कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए भारत में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन है। इस मुसीबत के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है। कंपनियों ने गैर-सब्सिडी एलपीजी गैस सिलिंडर यानी बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमतों में कटौती कर दी है।
आज से 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलिंडर के दाम दिल्ली में 61.5 रुपये सस्ता हो गया है। इसके बाद इसकी कीमत 744 रुपये रह गई है, पहले यह 805.50 रुपये का था। कोलकाता में इसका दाम घटकर 744.50 रुपये, मुंबई में 714.50 रुपये और चेन्नई में 761.50 रुपये हो गया है। जबकि पहले इन महानगरों में यह क्रमश: 839.50 रुपये, 776.50 रुपये और 826 रुपये हुआ करता था। 

19 किलो के एलपीजी सिलिंडर की कीमतें भी घटीं

इसके अतिरिक्त कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में भी कटौती कर दी है। दिल्ली में 19 किलोग्राम का रसोई गैस सिलिंडर 96 रुपये सस्ता हो गया है। पहले यह 1,381.50 रुपये का था, जो आज से ग्राहकों को 1,285.50 रुपये में मिलेगा। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत घटकर 1,348.50 रुपये, मुंबई में 1,234.50 रुपये और चेन्नई में 1,402 रुपये हो गई है।

सरकार देती है गैस सिलिंडर पर सब्सिडी 

मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।

15 दिन के अंतर पर ही होगी बुकिंग

मालूम हो कि आईओसी ने कहा है कि अब 15 दिन के अंतर पर ही ग्राहकों द्वारा रसोई गैस की बुकिंग कराई जा सकेगी। इस संदर्भ में आईओसी के अध्यक्ष संजीव सिंह ने एक वीडियो संदेश में आश्वस्त किया कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। 

March 30, 2020 , , ,
सरकार द्वारा देश भर में कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए 21 दिनों के तालाबंदी की घोषणा के साथ, हमारा कर्तव्य है कि हम टेलीमेडिसिन, बैंकिंग आदि की डिजिटल सेवाओं तक पहुँच के साथ नागरिकों की सहायता करें। हम आपके साथ इस मेल में कुछ क्रिएटिव साझा कर रहे हैं जिन्हें आप अपने सीएससी पर प्रिंट-आउट और डिस्प्ले ले सकते हैं। ये क्रिएटिव ऑनलाइन जी 2 सी सेवाओं और कुछ सरकारी ऐप तक पहुंच के संबंध में नागरिकों में जागरूकता पैदा करने के लिए हैं।

CSC VLE फ्री में मिलेगा 1000 रूपये बस कर लो यह काम - CSC VLE OFFR हर CSC VLE मिलेगा 

 लिंक से क्रिएटिव डाउनलोड करें: डाउनलोड Download

 सभी VLE को इन क्रिएटिव का प्रिंट आउट लेना होगा और अपने CSC में प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा।

VLE को 1000 रु। क्रिएटिव प्रदर्शित करने के लिए 1000 एक बार जब वीएलई सीएससी में क्रिएटिव डालता है, तो उसे उसी की 1-3 अच्छी गुणवत्ता वाली तस्वीरें क्लिक करनी होंगी और दिए गए पर अपलोड करना होगा।


इसके बाद, वीएलई को क्रिएटिव के फोटो को हर 10 दिनों में तीन बार क्लिक करना होगा।

VLE द्वारा प्रदान की गई लिंक पर फ़ोटो अपलोड करने के बाद ही राशि जारी की जाएगी।

आइए हम इस अवसर पर उठें और इन कोशिशों के दौरान ज़रूरी सेवाओं वाले ज़रूरतमंद नागरिकों की मदद करें!

कोरोना वायरस से जंग के लिए हुए लॉकडाउन की वजह से गरीबों को काफी नुकसान हो रहा है. करीब सभी कामगारों का कामकाज बंद है. इसलिए हरियाणा सरकार ऐसे लोगों के सहयोग के लिए आगे आई है. सरकार बीपीएल (BPL) परिवारों को हर महीने सरकार 4500 रुपये देगी. ऐसे लोगों को अप्रैल महीने का राशन फ्री मिलेगा. रिक्शा चालकों, स्ट्रीट वेंडर्स और दिहाड़ी मजदूरों को जिलों में डीसी के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, उन्हें भी 4500 रुपये हर महीने मिलेंगे.

COVID 19 HARYANA स्कीम : हरयाणा सरकार सभी गरबी परिवार, किसानो, मजूरों और सभी जो गरीबी रेखा से निचे है उन परवारो को COVID 19 HARYANA स्कीम के तहत हर हफ्ते - हरके के खाते में 1000 रूपये डालने का ऐलान किया है |

इस COVID 19 HARYANA स्कीम में जुड़ने के लिए आप अपने नजदीकी CSC Center में सम्पर्क करे |

आवश्यक दस्तावेज 

1. बैंक की कॉपी
2. आधार कार्ड
3. मोबाइल फ़ोन
4. फ्रॉम : फ्रॉम डाउनलोड लिंक डाउनलोड Download From

यह सभी दस्तावेज लेकर अपने  CSC Center में सम्पर्क करे |  CSC Center वाले ही आप के लिए इस COVID 19 HARYANA स्कीम अप्लाई कर सकते है |

यह सभी इस योजना में नहीं जुड़ सकते 

1. अगर आप ने परिवार पहचान पत्र है (PPP)
2. प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMMPSY)
3. जिन की मजदुर की कॉपी बनी हुई है (BOCCD)
4. अगर आप के पास किसी भी प्रकार का राशन कार्ड है
5. अगर आप नाम पांच एकड़ जमीन है या इस से अधिक है

If You are registered in the following Schemes.

a) Parivar Pehchan Patra. 
b) Mukhya Mantri Parivar Samriddhi Yojana. 
c) Haryana Building and Other Construction Workers Welfare Board.
d) If you have Ration Card of any type then you are not required to fill this form.
e) If you own agricultural land > 5 acers then also you not required to fill this form.

Note : If you are registered in any of the above schemes then you will be provided financial assistance under that scheme.

अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को देखे



सीएम मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना से जंग लड़ने वालों में से यदि कोई संक्रमित होता है तो इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. मरीज का इलाज करने के दौरान कर्मचारियों की मौत होने पर एक्सग्रेसिया के तहत 10 लाख रुपये दिए जाएंगे.

सीएम ने कहा है कि औद्योगिक घराने किसी कर्मचारी को न हटाएं. सरकार भी किसी कांट्रैक्ट कर्मी को नहीं हटाएगी. बिजली, पानी, सीवरेज बिल जिन्हें 15 मार्च तक जमा करना था अब उन्हें बगैर सरचार्ज 30 अप्रैल तक का वक्त दिया गया है. जबकि ई-पेमेंट से पेमेंट करने वालों को 15 अप्रैल तक वक्त दिया गया है.

March 29, 2020 ,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों को 1-1 हजार रुपये देने का फैसला किया है. इसके साथ ही मनरेगा मजदूरों को उनकी बढ़ी हुई मजदूरी का भी भुगतान किया जा रहा है. आज प्रदेश के 27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के अकाउंट में 611 करोड़ रुपये भेजे गए.

खास बातें

लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों से नए मरीज सामने आ रहे हैं तो वहीं कुछ अच्छी खबरें भी सामने आ रही हैं। सोमवार को प्रदेश के करीब 27 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में सीएम योगी ने पैसे भेजे हैं। वहीं पिछले 9 दिनों से लखनऊ में कोई भी संक्रमित मरीज नहीं पाया गया है। हालांकि राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 80 है, जो चिंता का विषय है। शासन और प्रशासन संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।
27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में डाले गए 611 करोड़ रुपये - गरीब परिवारों को मिलेगा मुफ्त राशन - लॉकडाउन के दौरान
27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में डाले गए 611 करोड़ रुपये - गरीब परिवारों को मिलेगा मुफ्त राशन - लॉकडाउन के दौरान

1. 27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में डाले गए 611 करोड़ रुपये
2. CM योगी का ऐलान- गरीब परिवारों को मिलेगा मुफ्त राशन

कोरोना वायरस के कारण पूरा देश लॉकडाउन है. इसका सबसे ज्यादा असर मजदूरों पर पड़ा है. उनके सामने रोजी-रोटी का संकट है. इस संकट की घड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूरों को आर्थिक मदद करने का फैसला किया है. प्रदेश के 27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के अकाउंट में 611 करोड़ रुपये भेजे गए.

दरअसल, केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी है. इसके बाद योगी सरकार की ओर से यह बढ़ाई गई मजदूरी राशि दी गई है. इससे पहले योगी सरकार ने 20 लाख दिहाड़ी मजदूरों को एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि दी थी.

इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अन्त्योदय योजना, मनरेगा और श्रम विभाग में पंजीकृत करीब 1 करोड़ 65 लाख 31 हजार मजदूर को एक महीने का निशुल्क राशन देने के निर्देश जारी किया गया है. इन परिवारों को 20 किलो गेहूं, 15 किलो चावल मुफ्त मिलेगा. इसके अलावा पेंशन का लाभ उठा रहे 83.83 लाख लोगों को दो महीने की अग्रिम पेंशन दी जा रही है.

March 27, 2020 , ,
आम जनता को लॉकडाउन के दौरान कोई असुविधा न हो, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने महत्वपूर्ण एलान किए। उन्होंने जनता के लिए सभी तरह के लोन सस्ते किए। रेपो रेट में कटौती से आपकी ईएमआई घटेगी। साथ ही तीन महीने तक ईएमआई देने में राहत का भी एलान किया गया।
RBI : तीन महीने ईएमआई में राहत, सभी तरह के लोन होंगे सस्ते - जनता को लॉकडाउन के दौरान RBI ने दी बड़ी राहत
RBI : तीन महीने ईएमआई में राहत, सभी तरह के लोन होंगे सस्ते - जनता को लॉकडाउन के दौरान RBI ने दी बड़ी राहत
1. रेपो रेट में 75 आधार अंकों की कटौती। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के छह में से चार सदस्यों ने रेट कट के पक्ष में वोट किया। 

2. रेपो रेट 5.15 फीसदी से घटकर 4.40 फीसदी हो गई है। इससे सभी तरह के कर्ज सस्ते होंगे।

3. इसके अतिरिक्त आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में भी 0.90 फीसदी की कटौती की है। अब यह 4.90 फीसदी से घटकर चार फीसदी हो गई है। 

4. कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। इसका असर कितना होगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता। लेकिन कच्चे तेल की कीमतें घटने से कुछ राहत मिलेगी।

5. कच्चे तेल के दाम और मांग में कमी से कोर (मुख्य) मुद्रास्फीति कम होगी। 

6. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 के चलते अर्थव्यवस्था को होने वाले खतरे को देखते हुए एमपीसी ने समय से पहले ही समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक 24 से 27 मार्च तक चली। 

7. दास ने कहा है कि उनका ध्यान आर्थिक स्थिरता पर है और विश्व के कई देश कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे हैं। देश में लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियां ठप हैं। इसलिए आरबीआई का ध्यान लोगों को राहत देने में हैं। 

8. आरबीआई ने सभी बैंकों को सलाह दी है कि वो लोन लेने वालों की ईएमआई अगले तीन महीनों के लिए टाल दें।

9. साथ ही आरबीआई ने बैंकों को इजाजत दे दी है कि वह अगले तीन महीने यानी जून 2020 तक वर्किंग कैपिटल लोन पर ब्याज न वसूलें। वर्किंग कैपिटल लोन वह कर्ज होता है, जिसे कंपनियां अपने हर दिन के लिए खर्च के लिए लेती हैं।

10. आरबीआई ने सभी बैंकों का कैश रिजर्व रेश्यो भी एक फीसदी यानी 100 आधार अंक घटाकर तीन फीसदी कर दिया है। यह पूरे एक साल के लिए चार फीसदी की बजाए तीन फीसदी होगा। इसके तहत बैंक अपनी जमा का कुछ फीसदी आरबीआई के पास रखते हैं। इसमें कटौती होने से 1.37 लाख करोड़ रुपये की रकम बैंकों को मिल पाएगी।

11. इसके अतिरिक्त लिक्विडिटी एड्जेस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) में भी 0.9 फीसदी की कटौती की घोषणा की गई है। अब एलएएफ घटकर चार फीसदी हो गया है। इन तमाम उपायों से अर्थव्यवस्था में 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी बढ़ने का अनुमान है।

12. उन्होंने जमाकर्ताओं की चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है। इसके साथ ही दास ने बैंकों के शेयरों की कीमतों को सुरक्षा की दृष्टि से देखने वाली सोच को बिल्कुल गलत बताया है। आरबीआई गवर्नर ने निवेशकों से डर के चलते निकासी से बचने के लिए भी कहा है। 

13. शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को सभी से लेनदेन में डिजिटल तौर तरीकों को बढ़ावा दिये जाने पर जोर दिया। उनकी यह टिप्पणी कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए किये जा रहे उपायों के लिहाज से काफी अहम है।

14. दास ने मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के कारण अनिश्चितता की स्थिति है, अत: आर्थिक वृद्धि दर तथा मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान से बचा गया है।

15. आरबीआई गवर्नर ने साफ किया कि शेयर बाजारों में पिछले दिनों आई गिरावट से बैंकों के शेयर भी टूटे, लेकिन इसका ग्राहकों से कोई मतलब नहीं। बैंकों में लोगों का पैसा सुरक्षित है।

March 26, 2020 , , ,
भारत सहित पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है। भारत में अब तक 600 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 12 लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में गिरती अर्थव्यव्स्था को बूस्ट करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1,70000 करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है।

लॉकडाउन के बीच सरकार के बड़े एलान, किसानों, मनरेगा मजदूर, महिलाओं आदि के लिए राहत : कोरोना संकट के बीच सरकार के 10 बड़े ऐलान

1. एक लाख 70 हजार करोड़ के आर्थिक पैकेज का एलान।
2. वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जो लोग इस जंग को लड़ रहे हैं, चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं उन्हें 50 लाख का बीमा कवर दिया जाएगा। 20 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ।
3. वित्त मंत्री ने बताया कि कोई गरीब भूखा न रहे, इसके लिए सरकार ने इंतजाम किए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यह सुनिश्चित करेगी की हर गरीब को खाना मिले। 
4. योजना के तहत पांच किलो अतिरिक्त गेहूं या चावल अगले तीन महीने तक मिलेगा। इसका फायदा 80 करोड़ लाभार्थी को मिलेगा। साथ ही एक किलो दाल का प्रावधान किया गया है।
5. अप्रैल के पहले हफ्ते में किसानों के खाते में 2000 रुपये की किस्त डाल दी जाएगी। देश के 8 करोड़ 70 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
6. निर्मला सीतारमण ने बताया कि बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों के लिए 1000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे. ये अगले तीन महीने के लिए है. इसे दो किस्त में दिया जाएगा. इस वर्ग के लोगों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर किया जाएगा. इस पहल का फायदा लगभग 3 करोड़ लोगों को होगा।
7. मनरेगा के मजदूरों की दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है।
8. उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिला लाभार्थियों को तीन महीने तक मुफ्त सिलिंडर दिए जाएंगे।
9. उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिला लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इन्हें तीन महीने तक मुफ्त सिलिंडर दिए जाएंगे।
10. इसके अतिरिक्त अगले तीन महीने तक महिला जनधन खाताधारकों को प्रति माह 500 रुपये दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका लाभ 20 करोड़ महिलाओं को होगा।
11. दीनदयाल योजना के तहत महिलाओं को महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 20 लाख तक का लोन दिया जाएगा। पहले इनको 10 लाख तक का लोन दिया जाता था।
12. अगले 3 महीने के लिए ATM से कैश निकालना फ्री कर दिया गया
13. आधार-पैन लिंक करने की आखिरी तारीख 30 जून 2020 कर दी है

March 25, 2020 ,
Corona World LIVE : भारत समेत दो दर्जन देश लॉकडाउन, दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में कैद : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते दुनिया थमने के कगार पर पहुंच चुकी है। तेजी से आते नए मामलों और लगातार बढ़ती मृतकों की संख्या से पूरा विश्व जूझ रहा है। अब तक 21,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना को और फैलने से रोकने के लिए 200 करोड़ से अधिक लोगों को उनके घरों में ‘कैद’ कर दिया गया है। यानी दुनिया की 20 फीसदी आबादी घरों में रहने को मजबूर है। यूरोप समेत कई देशों ने अपनी सीमाएं सील कर आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है। भारत ही नहीं, इटली, स्पेन और फ्रांस समेत दो दर्जन देशों में लॉकडाउन है।
India Lock Down : दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल, देश में बनी कोरोना जांच किट
India Lock Down : दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल, देश में बनी कोरोना जांच किट

कोरोना वायरस: पहली बार देश में बनी कोरोना जांच किट, एक  से 100 लोगों की जांच

कोरोना वायरस की जांच के लिए पुणे की मायलैब को वाणिज्यक उत्पादन के लिए सोमवार को अनुमति मिल गई। किट बनाने की अनुमति पाने वाली देश की यह पहली कंपनी है। लैब ने ‘माय लैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वॉलिटेटिव पीसीआर किट’ केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से अनुमति मिली है। कंपनी का दावा है कि एक किट से 1000 लोगों की जांच संभव है। अभी एक लैब में औसतन दिनभर में 100 नमूनों की जांच होती है।

जी-20 शिखर सम्मेलन आज, कोरोना से जंग को वैश्विक लड़ाई में बदलने का आह्वान करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
सऊदी अरब में बृहस्पतिवार से जी-20 देशों का आपातकालीन शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। इसकी अध्यक्षता सऊदी अरब के सुलतान सलमान बिन अब्दुल अजीज अल-सऊद करेंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाले इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई शीर्ष नेता कोरोनावायरस महामारी से निपटने के समन्वित उपायों पर चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी इस बैठक में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई को वैश्विक लड़ाई में बदलना चाहते है, जहां प्रतिभागी देश अपने चिकित्सा ज्ञान और संसाधनों में तालमेल की मदद से वायरस के प्रसार को रोकने में मदद कर सकें। 

IndiaLockdown : 80 करोड़ लोगों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल देगी सरकार

कोरोना महामारी से बचने के लिए उठाए जा रहे सख्त कदमों के बीच केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को आम लोगों के लिए राहत की खबर आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 80 करोड़ लोगों को दो रुपये किलो गेहूं-तीन रुपये किलो चावल देने का फैसला किया है। सभी लोगों को तीन महीने का राशन एडवांस में दिया जाएगा। 

पीएम मोदी बोले वायरस को रोकने की छोटी सी कीमत है लॉकडाउन, डॉक्टरों को बताया भगवान

डॉक्टरों-नर्सों से घर खाली कराने वाले मकान मालिकों पर होगी सख्त कार्रवाई, गृहमंत्री ने दिए आदेश

1. गृह मंत्री ने देशभर के जिलाधिकारियों को दिया कार्रवाई का आदेश
2. एम्स के डॉक्टर को घर से निकालने को सरकार ने गंभीरता से लिया
3. दिल्ली सरकार ने ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई को कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि तीन हफ्ते की संपूर्ण देशबंदी वायरस के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए एक छोटी सी कीमत है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उनके इस निर्णय से लोगों को असुविधा होगी। अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी के प्रतिनिनिधियों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने उन मुद्दों पर बात की जो लॉकडाउन की वजह से पैदा हुए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को भगवान के बराबर बताया।

अर्द्धसैनिक बलों के 32 अस्पताल सरकार के नियंत्रण में, केवल कोरोना पीड़ितों का होगा इलाज

देश में अर्द्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) के 32 अस्पतालों को सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि करीब 1900 बिस्तरों की कुल क्षमता वाले इन अस्पतालों का इस्तेमाल सरकार कोरोन वायरस से पीड़ित मरीजों के आइसोलेशन और इलाज के लिए करेगी। अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय में सचिव (सीमा प्रबंधन) की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय बैठक के बाद इन सुरक्षा बलों के अस्पतालों का ‘तत्काल’ उपयोग करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए सभी सुरक्षा बलों के चिकित्सकीय विंग की तरफ से अपने अपने अस्पताल को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। 

उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी की तरफ से संचालित इन 32 अस्पतालों में कुल 1890 बिस्तर मौजूद हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रशिक्षित स्टाफ और विशेष उपकरणों की ‘भारी कमी’ से जूझ रहे इन अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और वेंटिलेटर व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ड्यूटी पर उपयोग किए जाने वाले निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) सरीखे मेडिकल उपकरण भेजे जा रहे हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि इन अस्पतालों में पहले से भर्ती सुरक्षा बलों के जवान या उनके परिजनों को कहीं अन्य जगह शिफ्ट करने का इंतजाम किया जाए, ताकि कोरोना पीड़ितों की संख्या बढ़ने पर परेशानी न हो।

कोरोना वायरस : भवन निर्माण मजदूरों को सेस फंड से रकम भेजने के निर्देश, सीधे खाते में आएगी राशि

कोरोना वायरस के चलते तीन हफ्ते के लॉकडाउन में लोगों को परेशानी से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को असंगठित भवन निर्माण कारीगरों और मजदूरों के लिए सेस फंड का रकम जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और उससे जुड़ी गतिविधियों को लॉकडाउन के दायरे से बाहर रखा गया है।

श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को कानूनी प्रावधान के तहत एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, कारीगरों और मजदूरों को एक निश्चित राशि डीबीटी के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। असंगठित क्षेत्र के ये मजदूर और कारीगर रोज के दिहाड़ी से अपना जीवन यापन करते हैं। लॉकडाउन से इनकेजीवनयापन का स्रोत रुक गया है। मंत्रालय के मुताबिक लेबर वेलफेयर बोर्ड में सेस के तहत 52,000 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बोर्ड में 3.5 करोड़ मजदूर और कारीगर पंजीकृत हैं।

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Satish Kumar

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